सरगुजा समय लुण्ड्रा (सरगुजा)।
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य व्यवस्था को दुरुस्त करने और डॉक्टरों की 24 घंटे मौजूदगी सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने अब रात में भी धरपकड़ शुरू कर दी है।
इसी कड़ी में बीते शुक्रवार (29 मई) की रात ठीक 10:00 बजे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) लुण्ड्रा का आकस्मिक निरीक्षण JD सरगुजा अनिल शुक्ला के द्वारा किया गया। इस औचक निरीक्षण से अस्पताल स्टाफ में हड़कंप मच गया।

निरीक्षण के दौरान अस्पताल के वार्डों में साफ-सफाई का घोर अभाव पाया गया, जिस पर सयुंक्त संचालक ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। इसके साथ ही ऑन-ड्यूटी गायब रहने वाले कर्मचारियों पर तत्काल गाज गिरी है।
उपस्थिति रजिस्टर में खुली पोल, कटेगा वेतन
जेडी ने जब अस्पताल के उपस्थिति पंजी (अटेंडेंस रजिस्टर) की जांच की, तो बड़े पैमाने पर लापरवाही सामने आई। ड्यूटी से नदारद रहने पर आयुष फार्मासिस्ट जन्मती सिदार (1 दिन अनुपस्थित) और वार्ड बॉय अरुण कुमार (2 दिन अनुपस्थित) को तत्काल प्रभाव से ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया गया है। अधिकारियों ने सख्त लहजे में कहा है कि यदि 3 दिनों के भीतर जवाब संतोषजनक नहीं मिला, तो कड़ी निबंधात्मक व दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

डॉक्टरों को सख्त निर्देश- ‘मुख्यालय में ही रहना होगा’
ग्रामीणों द्वारा अक्सर शिकायत मिलती है कि डॉक्टर रात में मुख्यालय छोड़कर चले जाते हैं। इस पर संज्ञान लेते हुए जेडी ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि सभी चिकित्सा डॉक्टरों को मुख्यालय बनाकर ही रहना होगा, ताकि आपातकालीन स्थिति में मरीजों को समय पर इलाज मिल सके। लापरवाही बरतने पर पीएचसी प्रभारी को भी नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
निरीक्षण के दौरान दिए गए मुख्य निर्देश:
जनता से मधुर व्यवहार: चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की काउंसलिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। साफ कहा गया है कि मरीजों और आम जनता से व्यवहार में शालीनता और मधुरता होनी चाहिए।
भोजन और आयुष्मान कार्ड: मरीजों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता और समय की जानकारी ली गई। साथ ही आयुष्मान कार्ड के माध्यम से मिल रहे इलाज की समीक्षा की गई।
सुरक्षा व्यवस्था: अस्पताल की सुरक्षा पुख्ता करने के लिए जीवन दीप समिति के माध्यम से तत्काल सुरक्षा गार्ड तैनात करने को कहा गया है।

योजनाओं का प्रचार शून्य: अस्पताल में शासन की जन-कल्याणकारी योजनाओं के IEC (प्रचार-प्रसार) मटेरियल बेहद कम पाए गए, जिन्हें तत्काल बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
“अस्पताल में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मरीजों को बेहतर इलाज और साफ माहौल देना हमारी पहली प्राथमिकता है। गायब रहने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई तय है।”
— डॉ. अनिल शुक्ला सयुंक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं सरगुजा
साथ ही साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बतौली का भी रात्रि 09:05 मिनट में आकस्मिक निरीक्षण किया गया
कल दिनांक 29.05.2026 को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद बतौली का रात्रि 09:05 मिनट में आकस्मिक निरीक्षण किया गया आकस्मिक निरीक्षण में महिला वार्ड में महिला मरीजों को एवं पुरुष वार्ड में पुरुष मरीजों को भर्ती किए जाने निर्देशित किया गया।
संस्था में शासन की जन कल्याणकारी योजनाओं के IEC मटिरियल बहुत कम मात्रा में पाया गया है इसे और अधिक लगाए जाने हेतु निर्देशित किया गया सभी राष्ट्रीय कार्यक्रमों में शत प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करने हेतु सभी मैदानी कर्मचारियों अधिकारियों की बैठक लेने हेतु निर्देशित किया गया।
सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था जीवन दीप से रखने हेतु निर्देशित किया गया। आयुष्मान कार्ड के संबंध में जानकारी किया गया। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को साफ सफाई करने हेतु निर्देशित किया गया ।
मरीजों को भोजन मिलने की जानकारी ली गई एवं रसोई घर के जर्जर भवन की मरम्मत हेतु उच्च कार्यालय को पत्र प्रेषित करने हेतु निर्देशित किया गया।
Icu रूम में साफ सफाई रखने हेतु निर्देशित किया गया। आम जनता से मधुर व्यवहार रखने हेतु निर्देशित किया गया।
साथ ही एंबुलेंस व वाहन चालक तथा डाक्टर का नाम नोटिस बोर्ड में चस्पा करने हेतु निर्देशित किया गया। उपस्थिति पंजी का अवलोकन किया गया अवलोकन पश्चात हस्ताक्षर में कट पिट न करने हेतु हिदायत दिया गया। स्टाफ नर्स को नर्सिंग प्रोटोकॉल के साथ स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने हेतु निर्देशित किया गया।

