27/05/2026
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JD डॉ. अनिल शुक्ला द्वारा स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण; एक महीने से गायब नेत्र सहायक और प्रभारी चिकित्सा सहायक को नोटिस…

 

प्रतापपुर विकासखंड के पंपापुर और धरमपुर PHC पहुंचे सयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं डॉक्टर अनिल शुक्ला ने अस्पतालों में गंदगी और अव्यवस्था पर भड़कतें हुए कड़े सुधार के निर्देश दिए 

मरीजों को बेवजह निजी अस्पतालों में रेफर किया तो होगी कड़ी कार्रवाई, निजी अस्पतालों के दलालों से दुरी बनाए रखते हुए केवल अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज भेजने की हिदायत  

सरगुजा समय ​प्रतापपुर/सूरजपुर:

ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की हकीकत जानने और आम जनता को बेहतर इलाज मुहैया कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम एक्शन मोड में है। बीते मंगलवार (26 मई) को विकासखंड प्रतापपुर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) पंपापुर और धरमपुर का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। इस औचक कार्रवाई से अस्पताल स्टाफ में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान ड्यूटी से नदारद मिले कर्मचारियों को जहां कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, वहीं अस्पतालों में पसरी अव्यवस्था पर JD डॉक्टर अनिल शुक्ला ने कड़ी नाराजगी जताई।

पंपापुर PHC: महीने भर से गायब हैं नेत्र सहायक, दवाइयां बिखरीं, कुर्सियां टूटीं

​निरीक्षण टीम जब दोपहर 12:15 बजे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पंपापुर पहुंची, तो वहां की व्यवस्थाएं बदहाल मिलीं। अस्पताल के फार्मेसी रूम में दवाइयों का रख-रखाव बेहद अस्त-व्यस्त पाया गया। वहीं, लैब रूम में गंदगी की भरमार थी, जिस पर अधिकारियों ने गहरी नाराजगी जताई। मरीजों के बैठने के लिए बने वेटिंग एरिया में टूटी-फूटी कुर्सियां और कबाड़ रखा मिला, जिसे तत्काल हटाकर दूसरे स्थान पर व्यवस्थित करने के निर्देश दिए गए।

लापरवाहों पर गिरी गाज:

निरीक्षण के दौरान सबसे बड़ी लापरवाही डॉक्टरों और स्टाफ की उपस्थिति को लेकर सामने आई। केंद्र के प्रभारी चिकित्सा सहायक राधेश्याम राजवाड़े एक दिन से और नेत्र सहायक अधिकारी शाहिद हुसैन पिछले लगभग एक महीने से बिना किसी पूर्व सूचना के अपने शासकीय कार्य से गायब पाए गए। इस घोर लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए दोनों कर्मचारियों को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी कर जवाब तलब किया गया है। अधिकारियों ने दो टूक कहा है कि प्रतिदिन 19-20 मरीजों की ओपीडी वाले इस अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं को हर हाल में बेहतर करना होगा।

धरमपुर PHC: टीकाकरण कक्ष में मिली गंदगी, बिना मंजूरी छुट्टी पर जाने पर रोक

​इसके बाद टीम ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र धरमपुर का रुख किया। राहत की बात यह रही कि यहाँ दवाइयों का रख-रखाव सुव्यवस्थित पाया गया। लेकिन, जब टीम टीकाकरण (Immunization) कक्ष में पहुंची, तो वहां इंजेक्शन और अन्य मेडिकल सामग्रियां बिखरी पड़ी थीं और साफ-सफाई का अभाव था।

​अधिकारियों ने संस्था प्रभारी को सख्त लहजे में निर्देशित किया कि कोई भी कर्मचारी अपनी मर्जी से छुट्टी पर नहीं जाएगा। अवकाश की लिखित स्वीकृति मिलने के बाद ही कोई कर्मचारी मुख्यालय छोड़ सकेगा।

कड़े निर्देश: मुख्यालय में रहना अनिवार्य, अनावश्यक रेफर करने पर नपेंगे डॉक्टर

​निरीक्षण टीम ने दोनों प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को सख्त हिदायत दी है कि सभी को अनिवार्य रूप से अपने निर्धारित मुख्यालय में ही निवास करना होगा, ताकि आधी रात को भी किसी आपातकालीन स्थिति में ग्रामीणों को इलाज मिल सके।

इसके साथ ही, मरीजों को अनावश्यक रूप से निजी अस्पतालों या अन्य जगहों पर रेफर करने की प्रवृत्ति पर पूरी तरह रोक लगाने को कहा गया है। अधिकारियों ने निर्देश दिया कि यदि मरीज की स्थिति गंभीर है और रेफर करना बेहद जरूरी हो, तो उसे सीधे शासकीय मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर ही भेजा जाए। इसके अलावा, राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के लक्ष्यों को शत-प्रतिशत पूरा करने के लिए विशेष बैठक कर कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं।

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