सरगुजा समय छत्तीसगढ़ अंबिकापुर – आजकल पूरे छत्तीसगढ़ में एक अलग सा माहौल दिख रहा है जहां सांसद विधायक मंत्री संत्री के कई प्रतिनिधियों की नियुक्ति होती है, उसके बाद बड़े- बड़े नेम प्लेट लगा कर अपने पद की खौफ एवं रसूख आम नागरिकों एवं पुलिस को दिखाने का प्रयास किया जाता है ताकि नेम प्लेट एवं पार्टी का झंडा देख पुलिस इनके वाहन पर कार्यवाही न करे ऐसा करना कितना सही ?
आपकी जानकारी के लिए बता दे कि शहर में चाहे सत्ता पक्ष के नेता हो या विपक्ष के नेता दल कोई भी हो अपने छोटे – छोटे पद एवं मंत्री सांसद विधायक का प्रतिनिधि बनकर अपने निजी वाहनों में अपने पद की महिमामंडल करने एवं आम जनता के सामने भौकाल बनाने के लिए नेम प्लेट एवं पार्टी का झंडा के साथ-साथ हूटर लग जाता है और उसके बाद बेखौफ होकर हूटर का दुरुपयोग किया जाता है।

आय दिन देखने को मिलता है कि चौक चौराहों या फिर किसी व्यवस्तम सड़क पर जाम लगी हो तो नेता जी की अवैध रूप से लगी हूटर बजनी चालू हो जाती है जिसके बाद आम नागरिकों को काफी समस्याओं एवं अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ता है इनके इस हरकत से आम इंसान गलतफहमी में हो जाता है कि किसी VIP पुलिस या एंबुलेंस की वाहन होगी लेकिन ऐसा होता नहीं है।
छत्तीसगढ़ में जहां सड़क सुरक्षा अभियान का प्रारंभ हो चुका है जो एक माह तक चलने वाला है इसमें ऐसे वाहनों की गंभीर रूप से जांच होने चाहिए जो अवैध रूप से निजी वाहनों में हूटर लगा रखे है और सड़कों पर बेखौफ हूटर बजाते हुए आम नागरिकों को परेशान करने के साथ साथ ध्वनि प्रदूषण करते फिरते है ।
इस सड़क सुरक्षा माह में इस मुद्दे को पहली प्राथमिकता देने की भारी जरूरत है क्योंकि इन नेताओं के कान फोड़ू वाली हूटर के आवाज से हड़बड़ाहट में बड़े हादसे हो जाते है जिसकी वजह आम नागरिकों एवं पुलिस को समझने में काफी देर हो चुकी होती है।

