सरगुजा समय अंबिकापुर :- अंबिकापुर शहर की सड़कों पर लागातार घंटो लगने वाली जाम से आम नागरिकों का जीना दुर्भर हो गया हैं परंतु विभाग कों इन सब से कोई मतलब ही नहीं हैं।
शहर में लागातार यातायात सड़कों पर लगाने वाली जाम एवं बेढंग तरीके से खड़े वाहनों पर लगाम लगाने में यातायात पुलिस असमर्थ नजर आ रही हैं।
आपकी जानकारी के लिए बता दें की यातायात थाना के प्रभारी की कुर्सी किसी राजनीतिक दल के मुखिया की कुर्सी के सामान ही ताकत रख रही हैं ऐसा प्रतीत हो रहा हैं क्योंकि शहर की यातायात व्यवस्था बदले या ना बदले यातायात थाना प्रभारी जरूर बदल जा रहे हैं जिसका खामियाजा आम जनता कों भुगतना पड़ रहा हैं।

आपकी जानकारी के लिए बता दें की यातायात थाना प्रभारी की जिम्मेदारी ईमानदारी पूर्वक निभाने के लिए अच्छे अनुभव की आवश्यकत हैं जिसके पश्चात् ही शहर की बदहाल यातायात व्यवस्था में सुधार हो सकता हैं परंतु शहर में यातायात व्यवस्था के नाम पर सिर्फ प्रभारियों का तबादला और एक तरफ़ा उगाही ही देखने कों मिल रहा हैं जिसके वजह से यातायात व्यवस्था बदहाल हैं।
आपकी जानकारी के लिए बता दें की वर्तमान में यातायात थाना प्रभारी निरीक्षक अश्वनी सिंह हैं लेकिन यातायात प्रभारी के लिए शहर में चर्चा जोरों पर हैं की साहब यातायात प्रभारी के कुर्सी पर उधारी में आए हैं जिसका मतलब यह हैं की साहब यातायात व्यवस्था के कार्य की दक्षता के मामले में फिट नहीं बैठते हैं जिसके कारण शहर में जम कर यातायात व्यवस्था की धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं।

शहर के देवीगंज रोड़ में चार चक्का वाहनों के चालकों के द्वारा सड़क पर गाड़ी खड़ा करके खरीददारी की जा रही हैं एवं शहर के गुदरी चौक में लगे लम्बे जाम में घंटो तक खुद प्रभारी कों माइक में चिल्लाना पड़ा जिसके बाद बड़ी मुश्किल से स्वयं प्रभारी की गाड़ी निकल पाई।
आपकी जानकारी के लिए बता दें की शहर में एक से एक यातायात प्रभारी आए जिन्होंने ने शहर की यातायात व्यवस्था कों सुधार कर रख दिया था परन्तु कई प्रभारियों के बाद अब शहर में ऐसे प्रभारियों से आम नागरिकों का सामना हो रहा हैं की शहर की यातायात व्यवस्था छोड़ शहर से बहार उगाही में व्यस्त रहते हैं और शहर की आम जनता सड़कों में लगने वाले लम्बे लम्बे जाम से जूझते रहती हैं।
यातायात व्यवस्था की अगर बात कही जाए तों पिछले 15-20 सालों में यह पहला ऐतिहासिक मामला होगा जिसमे अनुभवहीन यातायात प्रभारी के नाकामियों कों अंबिकापुर की आम जानता भुला नहीं पायेगी क्योंकि इससे पहले शहर की यातायात व्यवस्था इतनी बत्तर स्थिति में कभी देखने कों नहीं मिली।

अब विचारणीय बात यह हैं की यातायात थाना के प्रभार वाली कुर्सी में किस शनि का ग्रहण लगा हैं जिसके वजह से यहाँ प्रभारी टिक ही नहीं पा रहे या फिर यह कहा जा सकता हैं की यातायात प्रभारी की कुर्सी के लिए कई अफसर अपने वजूद की लड़ाई समझने लगे हैं जिसके वजह से आम नागरिकों कों काफ़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा हैं।

