25/05/2026
1002256187.jpg

सरगुजा समय अंबिकापुर :- सरगुजा पुलिस लाईन निरीक्षक एवं बहुशाखा प्रभारी जो की स्वयं कों लेडी सिंघम की संज्ञा खुद ही दें लेती हैं। उनकी कड़ी मेहनत एवं लगन से शहर में  यातायात व्यवस्था की दुर्दशा का स्तर अब और भी तेजी से बढ़ता नजर आ रहा हैं. शहर में अभी तक आम जनता कों ही सड़को में लगने वाले घंटो- घंटो के जाम कों झेलना पड़ता था परंतु अब यातायात प्रभारी के नाकामयाबी का स्तर और भी बढ़ा हैं जिससे सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज का काफिला भी जाम के चक्कर में घंटो फस गया जिसके बाद काफिले में मौजूद पुलिस कर्मियों कों काफ़ी मशक्कत करना पड़ा बड़ी मुश्किल से सांसद महोदय का काफिला आगे बढ सका जहाँ एक ओर सरगुजा सांसद का काफिला जाम में फसा रहा ठीक उसी समय एक एम्बुलेंस भी घंटो तक जाम में फसा रहा शहर में लागातार घंटो – घंटो तक जाम में अभी तक आम जनता ही फसें रहती थी परंतु अब सरगुजा सांसद एवं एम्बुलेंस तक घंटो जाम में फस रहे हैं उसके बाद भी नाकामयाब यातायात प्रभारी पर आला अधिकारी की मेहरबानी बनी हुई हैं.

एम जी रोड़ में सांसद का काफिला एवं एम्बुलेंस घंटो फसा रहा जाम में और यातायात प्रभारी निद्रासन में

विशेष सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार यातायत थाना प्रभारी पर मेहरबानी के कारण से ऐसा प्रतीत होता हैं की यातायात प्रभारी के द्वारा शहर छोड़ शहर से बाहर बनारस रोड़, रायगढ़ रोड़, बिलासपुर रोड़, मनेंद्रगढ़ रोड़, रामानुजगंज में कार्यवाही के नाम पर चल रही अवैध उगाही एवं पुलिस लाईन में MTO शाखा में अवैध तरीके से वाहनों के अधिग्रहण करने का जो खेल जम कर चल रहा हैं उसकी हिस्सेदारी बराबर- बराबर हो रही हैं जिसके कारण यातायात प्रभारी पर सभी की मेहरबानी खुलेआम बरस रही हैं।

देविगंज सड़क में ध्वस्त यातायात व्यवस्था



आपको बता दें की शहर की लागातार घटिया ट्रैफिक व्यवस्था में बढ़ोत्तरी होने के बावजूद पुलिस विभाग के आला अफसरों के द्वारा यातायात थाना प्रभारी एवं बहुशाखा प्रभारी पर मेहरबानी बरसाना यह सुनिश्चित करता हैं की सच में मामला सब सेट हैं?.

शहर की यातायात व्यवस्था की दुर्दशा यह साबित कर रही हैं की स्वयं कों लेडी सिंघम बताने वाली प्रभारी के बस की बात शहर की यातायात व्यवस्था नहीं हैं परंतु उसके बाद भी मलाईदार कुर्सी से मोह भंग नहीं हो रहा खुद के स्वार्थ के कारण आम जनताओं के साथ- साथ अब जनप्रतिनिधियों एम्बुलेंस कों परेशानियों में डालने वाली प्रभारी पर आखिर किस मज़बूरी के कारण सरगुजा पुलिस अधीक्षक एवं सरगुजा रेंज पुलिस महानिरीक्षक कार्यवाही नहीं कर पा रहे हैं यह अत्यंत गंभीर रूप से विचारणीय बात हैं जबकि खुलेआम शहर में दिख रहा हैं की कैसे बत्ततर स्थिति में शहर की यातायात व्यवस्था हैं सैकड़ों खबर कई अखबारों में प्रकाशन के बावजूद जिला एवं संभागीय अधिकारी की कुंभकरणीय नीद नहीं खुल्लने का मुख्य कारण क्या हैं यह तों सम्बंधित अधिकारी ही समझ सकते हैं।

सरगुजा पुलिस अधीक्षक एवं सरगुजा आईजी महोदय कों कई सरगुजा समय के साथ साथ अन्य कई अखबारों में प्रकाशित खबर की कटिंग कों वाहट्सएप्प के माध्यम से भेज शहर की यातायात व्यवस्था अवगत कराये जाने के बावजूद भी किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं होना एक बड़ा सवाल खड़ा करता हैं।

जिस हिसाब से पुलिस लाईन निरीक्षक एवं बहुशाखा प्रभारी के हौसले बुलंद हैं उससे तों यही प्रतीत होता हैं की उक्त अधिकारी के भ्रष्टाचारी नियय के साथ किये जाने वाले तमाम कार्यों में आला अफसरों की मौन स्वीकृति भी मानी जा सकती हैं नहीं तों इस भ्रष्ट अधिकारी पर कार्यवाही करने में इतना विचार करने की जरुरत नहीं पड़ती।

पुलिस लाईन के MTO शाखा में सबसे बड़ा मुद्धा यह हैं की निजी पंजीकृत वाहनों कों टैक्सी वाहन के कार्य में कैसे लाया जा रहा हैं कई लाख रूपए का भुगतान बड़े आसानी से किया जा रहा हैं और सरकार कों एक बड़े रकम जिसका आकलन करोड़ों रूपए सालाना में होगा की आर्थिक छती पहुंचाई जा रही हैं परंतु इस तरह के मामलों में कार्यवाही करने वाला कोई नहीं हैं क्योंकि शहर के उन आला अफसरों की लम्बी कतार हैं जो खुद ही निजी पंजीकृत वाहन कों शासन के पैसे का भुगतान कर टैक्सी वाहन के रूप में उपयोग कर रहे हैं ऐसे में अब कार्यवाही करें कौन?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *