सरगुजा समय अंबिकापुर :- जैसा की हमने अपने प्रिय पाठकों एवं छत्तीसगढ़ के समस्त जनता एवं विभागीय आला अफसर एवं नेता- मंत्रीयों कों अपने खबर के माध्यम से यह ज्ञात करवाया था की सरगुजा में क्या चल रहा हैं जिसमे हमने बताया था की सरगुजा में लम्बे समय से पुलिस रक्षित केंद्र में रक्षित निरीक्षक के मलाईदार कुर्सी कों सम्हालने वाले अधिकारी कों कैसे अचानक से यातायात थाना प्रभारी के कुर्सी का लालच आ जाता हैं अब इसका मुख्य कारण क्या हैं यह तों समझ से परे हैं परन्तु अभी यही हाल सरगुजा में देखने कों मिल रहा हैं।

आपकी जानकारी के लिए बता दें की सरगुजा समय न्यूज पोर्टल में अपने विरोध की खबर पढ़ते ही कई जगह का प्रभार सम्हालाने वाले बिलबिला गए और अपनी वाहवाही वाली खबर भी चलवा ली खैर ऐसा होना भी लाजमी हैं, हो भी क्यों ना पहुंच जो तगड़ी हैं।
कई जगह का प्रभार सम्हालाने एवं वाली अधिकारी का एक निजी चैनल में बयान सोशल मीडिया में देखा गया जिसमे सम्बंधित अफसर ने बताया की कैसे वे अपने घर परिवार एवं बच्चों कों अपने से दूर रखते हुए शहर की यातायात व्यवस्था कों सुचारु रूप से बढ़िया कर दिया हैं लेकिन क्या सिर्फ मीडिया में बयान दें देने से किसी प्रकार से शहर की यातायात व्यवस्था सही हो सकती।

आम नागरिकों के हित में काम करने की बात कहने वाली यातायात प्रभारी क्या आमजनों कों शहर की घटिया एवं ध्वस्त ट्रैफिक व्यवस्था से निजात दिलाने में कामयाब हैं क्या इनके द्वारा मीडिया में दिए जाने वाले बयान सही हैं क्या सरगुजा की सड़को में ट्रैफिक व्यवस्था बहाल हैं इसका आकलन तों सरगुजा पुलिस अधीक्षक कों गोपनीय तरीके से अपने कार कों छोड़ कर अन्य कार या स्कूटी में शहर का भर्मण करने की आवश्यकता हैं उसके बाद ही पता चलेगा।
एक निजी चैनल द्वारा मैडम की वाहवाही वाली खबर एवं उनके बातों कों जिस प्रकार से दिखाया गया उससे यह प्रतीत होता नजर आ रहा हैं की वाकई में सब मामला सेट हैं मतलब की सरगुजा पुलिस अधीक्षक कों कुछ सही गलत का फर्क नजर नहीं आ रहा हैं ऐसा यातायात प्रभारी की प्रसंसा करने वाले मीडिया में दिए बयान जो की सोशल मीडिया में वायरल वीडियों कों देख कर बोला जा सकता हैं।
अजीब विडंबना हैं की सरगुजा समय न्यूज पोर्टल में अपने सम्बंधित प्रभार वाले विभाग के विरोध में सच्चाई वाली खबर पढ़ खुद कों यातायात प्रभारी सम्हाल नहीं पाई और आनन फ़ानन में एक निजी चैनल में अपने झूठे गुड़गान वाले खबर कों चलवा दिया खैर यह सब कैसे होता हैं यह तों आम नागरिकों कों पता ही हैं।

इस तरह से यातायात प्रभारी के साथ- साथ कई मलाईदार पद कों सम्हालाने वाली मैडम कों यह ज्ञात ही नहीं हैं की दीपावली – छठ और भी विशाल एवं महत्वपूर्ण त्यौहार में इनकी लापरवाही आम नागरिकों के साथ – साथ पुलिसिया व्यवस्था पर एक गंभीर दाग़ एवं धब्बा साबित हो रहा हैं जिसका कारण कई विभाग कों सम्हालाने और अपने निजी लाभ कों साधने के कारण होना माना जा सकता हैं अब इन सब पर किन आला अफसर की मेहरबानी बनी हुई हैं यह समझ से परे हैं।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक बयान के माध्यम अपने आपको लेडी सिंघम समझने एवं आम नागरिकों कों लेडी सिंघम समझाने वाली मैडम कहाँ गायब हैं शहर का सबसे व्यस्त सड़क गुदरी चौक, थाना चौक, संगम चौक, गाँधी चौक जैसे, महामाया चौक एवं शहर के बाहर की भी सड़कों पर घंटो- घंटो जाम की स्थिति निर्मित रहती हैं परन्तु मैडम के वाहन शहर से बाहर किसी और महत्वपूर्ण कार्यवाही में व्यस्त रहते हैं जिसके कारण शहर में लागातार जाम की स्थिति निर्मित हो रही हैं और यातायात प्रभारी के आदेश से शहर से बाहर बड़े वाहनों में कार्यवाही के नाम पर खानापूर्ति जम कर हो रही हैं ।

खैर एक एक पुरानी कहावत हैं की हाथी के दिखाने के दाँत अलग एवं खाने के दाँत अलग क्या इसी तर्ज पर यातायात प्रभारी के साथ -साथ कई अन्य मलाईदार कुर्सी का पद सम्हालनी वाली मैडम काम कर रही हैं।
सरगुजा एसपी क्या सच में अपने निवास एवं कार्यालय के अलावा नहीं करते शहर का भ्रर्मण जिस प्रकार से शहर में चर्चा हैं की सरगुजा एसपी कों शहर की जनता के परेशानियों से कोई लेना देना नहीं हैं लागातार शहर में बढ़ते अपराध और घटिया यातायात व्यवस्था इसकी वजह से आम लोगों में यह चर्चा काफ़ी हैं।
क्या सच में लोगों की चर्चा सही हैं क्योंकि एक निजी चैनल में सरगुजा एसपी की भी बाइट सामने आ रही हैं जिसमे उक्त यातायात प्रभारी के साथ-साथ कई अन्य मलाईदार शाखा सम्हालाने वाली प्रभारी की बखूबी तारीफ करते नजर आ रहे हैं क्या सच में शहर में यातायात व्यवस्था एकदम सुचारु रूप से चल रहा हैं इसका आकलन सरगुजा की आम जनता तों समस्या के बिच में रह कर कर ही रही हैं।परन्तु एसपी महोदय कों भी यह नजर क्यों नहीं आ रहा यह समझ से परे हैं क्या सच में कांग्रेस भाजपा के द्वारा पूर्व में दिए गए बयान की हर थाना की नीलामी होती हैं यह सही हैं या फिर सब मामला सेट हैं?

