सरगुजा समय अंबिकापुर :- सरगुजा समय द्वारा लगातार जनहित के मुद्दों में लगातार खबर प्रकाशन किया जाता हैं इसी क्रम में हमने सरगुजा जिला के एक सबसे भ्रष्ट पटवारी जिसकी विगत पिछले पांच वर्षो में अथाह आए से अधिक सम्पति अर्जित कर चूका हैं जिसकी विभागीय जाँच क्यों नहीं हो रही यह समझ से परे हैं।
आपकी जानकारी के लिए बता दे की भू माफीयाओं की चाटुकारिता एवं लगातार भू माफीयाओं का चरणवंदन कर जमीन की हेराफेरी करने हुनर पटवारी त्रिभुवन सिंह को बखूबी आता हैं, इस कला में पटवारी काफ़ी निपूर्ण हैं।

नियमविरुद्ध तरीके से विदेश यात्रा का करने वाले त्रिभुवन सिंह के ऊपर कार्यवाही करने में आला अफसर के हाथ थर थर क्यों काँप रहे यह एकदम समझ से परे हैं, लेकिन तहसील अंबिकापुर के एक तत्कालीन अधिकारी की मेहरबानी इस पटवारी पर काफ़ी बनी हुई हैं इसकी चर्चा शहर में काफ़ी तीव्रता के साथ सनसनी फैलाई हुई हैं की आखिर एक पटवारी एवं तहसील के एक अफसर के बिच क्या खिचड़ी पकी हैं की इस त्रिभुवन सिंह के अवैध तरीके से विदेश यात्रा एवं करोड़ों के लागत से बने फार्म हॉउस में मेहरबानी बना रखें।

आपकी जानकारी के लिए बता दे की शहर के इस बेईमान पटवारी का फार्म हॉउस उस रिहासी इलाके में जहाँ एक आम कर्मचारी जिसका वेतन महज 40-50 हजार रूपए हो वह अपने रहने के दो कमरा बनाने लायक जमीन भी नहीं खरीद सकता क्योंकि उस ईलाके में जमीन की कीमत 9 -10 लाख रूपए डिसमिल हैं उस रिहासी ईलाके में इस पटवारी त्रिभुवन सिंह का फार्म हॉउस लगभग आधा एकड़ के लगभग हैं।

राजस्व विभाग के तात्कालिक आला अफसर जिनके द्वारा दलाली पूर्वक कार्यशैली करते हुए गरीबों के बने मकानों में बुलडोजर की कार्यवाही करवाते समय बहुत दबंगई दिखाई गई लेकिन इस बेईमान पटवारी जिसके इस फार्म हॉउस में में शासकीय भूमि पर भी कब्ज़ा किया गया हैं लेकिन इनके ऊपर मेहरबान तत्कालीन आला अफसरों ने इस पटवारी पर आशीर्वाद बनाते हुए शासकीय जमीन पर किए गये कब्ज़ा पर बुलडोजर चलाने के जगह जाम उड़ाते नजर आते दिखे।
इस पुरे मामले में हमारी टीम गहनता से दस्तावेज जुटाने में जुटी हुई हैं जल्द ही आपको इस फार्म हॉउस में हुए रगिन पार्टी एवं कार्यवाही करने वाले अफसरों को सालिप्तता का उजागर किया जायेगा।

सरगुजा जिला में कलेक्टर अजित वसंत के ईमानदारी पूर्वक कार्यशैली एवं नियमविरुद्ध कार्य करने वाले अफसरों पर तत्काल कार्यवाही करने की एक साफ सुथरी छबि जिले भर के नागरिकों में बनी हुई हैं एवं चर्चित हैं बावजूद उसके पटवारी त्रिभुवन सिंह के अवैध तरीके से विदेश यात्रा एवं आए से अधिक संपत्ति एवं शहर के घनी रिहासी क्षेत्र जहाँ पर शासकीय मूल्य की भी बात करें तो लखो रूपए में होंगी बावजूद इतने खबर प्रकाशन एवं शिकायत के पश्चात भी त्रिभुवन सिंह के ऊपर कठोर कार्यवाही नहीं होना एक बड़े भ्रस्टाचार एवं तत्कालीन अधिकारीयों की संलिप्तता मानी जा सकती हैं।

अब देखने वाली बात यह हैं की त्रिभुवन सिंह के विदेश यात्रा करने के मामले में जाँच अधिकारी कब तक कार्यवाही करए हैं क्योंकि उनके द्वारा चाहे गये सवाल का जवाब हमने पत्राचार के माध्यम से अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) धौरपुर एक माह पहले ही दे चुके है लेकिन कार्यवाही अभी तक नहीं हुई हैं एवं त्रिभुवन सिंह के आए से अधिक संपत्ति एवं फार्म हॉउस की जाँच करवा कर उक्त तमाम मामले में सरगुजा कलेक्टर के द्वारा कब कार्यवाही की जाती हैं।
एक ईमानदार कलेक्टर के नेतृत्व में चल रहे इस जिले में, भ्रष्टाचार का यह ‘मॉडल’ स्वीकार्य नहीं है। जनता अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ‘कार्रवाई’ चाहती है।

सरगुजा समय के माध्यम से आम नागरिकों की प्रमुख मांग है, यह की :-
महज पांच साल में फर्श से अर्श तक के सफर की जाँच कर बेईमान पटवारी का तत्काल प्रभाव से संपत्ति का खुलासा हो।
गहन रिहासी ईलाके में निर्मित फार्म हाउस की वैल्यूएशन रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
पटवारी के भू माफियाओ की संलिप्त एवं जमीन दलाली के एवं करोड़ों की अवैध कमाई मामले में नार्को टेस्ट करवा कर जाँच कराई जाए एवं जाँच में दोषी पाए जाने पर संपत्ति कुर्क कर उसे शासन के अधीन लिया जाए।
अवैध तरीके से विदेश यात्रा एवं शासन को भ्रमित करने की जाँच कर कड़ी कार्यवाही की जाए।


