सरगुजा समय समाचार पत्र :- अंबिकापुर तहसील में कई पटवारियों का एक आपसी गिरोह हैं जिनके दम पर सरगुजा के भू माफियाओं एवं ये पटवारियों का गिरोह स्वयं भी भू माफियाओं के प्रविति वाले कार्य करते हुए शासन से महज 40-50 हजार का वेतन पाने वाले करोड़ों अरबों की अवैध संपत्ति अर्जित कर चुके हैं जो की अत्यंत महत्वपूर्णता के साथ जाँच का विषय हैं।
आपकी जानकारी के लिए बता दें की परम आदरणीय भ्रष्ट पटवारी त्रिभुवन सिंह जी के पिछले 5 वर्षो की यात्रा कुंडली अगर आला अफसर के द्वारा निकाल ली जाए तो आपको पता चल जायेगा की इन महोदय कों शासन जितना वेतन देती हैं वह एक वर्ष का वेतन महोदय महज 10 से 15 दिवस में होटल में रुकने मात्र में लगा देते हैं?
अब बिचारे पटवारी महोदय कर भी क्या सकते हैं 40-50 हजार के नौकरी में इनके खर्च पुरे कैसे होंगे इस लिए करोड़ों अरबों रूपए कमाने के लिए इन्हे पटवारी पद के साथ साथ भू माफिया बनने की आवश्यकता जरुरत की मांग थी जिसके कारण साहब बन बैठें भू माफिया?
जिसके कारण ही इनके बड़े बड़े शान शौकत पुरे होने चालू हो गए हजारों रूपए वेतन पाने वाला एक मामूली पटवारी करोड़ों अरबों रूपए का खेल बड़े आसानी से खेल रहा है इसके राजस्व विभाग के कुछ अफस भी इस पटवारी एवं इसके पटवारी गिरोह की जमकर दलाली करते हैं ऐसा प्रतीत होता नजर आ रहा हैं।
क्योंकि बिना विभाग से अनुमति के कई पर्यटक स्थल एवं विदेश में मौज मस्ती करना एवं बिना शासन से परमिशनलिए विदेश यात्रा करते हुए असीम सुख की अनुभूति प्राप्त करने के बावजूद विभागिया कार्यवाही के नाम पर जीरो बटा सन्नाटा वाला मामला यह दर्शाता हैं की सम्बंधित विभाग के आला अफसर इस कारनामें में मेहरबानी बनाये हुए हैं।
आपकी जानकारी के लिए बटा दें की सरगुजा समय की लगातार खबर प्रकाशन से बौखलाये त्रिभुवन सिंह अपने उन्ही अफसरों की मददत से फर्जी दस्तावेज एवं अवकाश की अनुमति भी प्राप्त करने का तिकडम भिड़ाने का प्रयास कर सकते हैं इस कार्य कों वह अफसर बड़े आसानी से कर सकता हैं जिन्हे इन पटवारियों के गिरोह के माध्यम से असीम सुख वाला आंनद प्राप्त हुआ हो, खैर कुछ भी तिकडम भिड़ाने के बावजूद फर्जी दस्तावेज तैयार करवाने एवं करने वाला अधिकारी कर्मचारी 420 के अपराध का भागीदारी भी हो सकता हैं यह कहना गलत नहीं होगा।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ये पटवारी गिरोह जिसका सर्वे सर्वा त्रिभुवन सिंह कों ही माना जा सकता हैं के इसारे पर कई तत्कालीन अफसरों के द्वारा इनके मंसारूप कार्य किया जाता था आज की स्थिति में भी राजस्व विभाग में कुछ ऐसे दलाल अफसर बैठें हैं जो इनके अवैध कमाई के हिस्सेदार हैं एवं नियम विरुद्ध कार्य करने वाले पटवारी के संरक्षक हैं?
अब देखने वाली बात यह हैं की नियम कानून का कड़ाई से पालन करने वाले वर्तमान कलेक्टर अजीत वसंत इस पटवारी के बिना अनुमति विदेश भ्रमण शासकीय कार्य की अनदेखी करके कई कई बार लगभग 10 से 15 -15 दिवस कार्यालय से नदारत रहते हुए हसीन वादियों एवं विदेश की सैर करने के बावजूद उसके वेतन प्राप्त कर लेने वाले मामले में कार्यवाही कब तक करते हैं।
हमारी सरगुजा समय की टीम इस मामले में किसकी कितनी सहभागिता हैं कौन कौन अफसर इस पटवारी के संरक्षक एवं अवैध कमाई के हिस्सेदार हैं की जानकारी जुटाने में लगी हैं एवं पटवारी महोदय के विदेश भ्रमण एवं अन्य पर्यटक स्थलों में महोदय के द्वारा पिछले कई वर्षो में किये गए लाखों, करोड़ों के व्यय के दस्तावेजों की जानकारी भी जल्द उपलब्ध कराने के लिए टीम जुटी हुई हैं।
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