18/05/2026
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सरगुजा समय समाचार अम्बिकापुर :- सरगुजा पुलिस प्रशासन के द्वारा चलाये जाने वाले नवा बिहान योजना के अंतर्गत नशे के अवैध कारोबारी पर नकेल कसने की जवाबदारी पुलिस की ही है परंतु सरगुजा जिले के गांधीनगर थाना में कुछ प्रधान आरक्षकों के द्वारा अपने आप को दरोगा बताते हुए इन अवैध नशेबाज के कारोबारी से शराब एवं अन्य नशीली पदार्थ के विक्रय हेतु मासिक रूप से अपनी रकम निर्धारित कर अवैध नशे के पदार्थो का जोर शोर से विक्रय करने का अवैध परमिशन मौखिक रूप से दें दिया गया हैं जिसके हिसाब से अवैध रूप से नशीली पदार्थ बेचने का अधिकार प्राप्त कर नशीली सामग्री विक्रय रहे हैं.

मिली जानकारी के अनुसार सरगुजा जिले में गांधीनगर थाना के अंतर्गत बड़े पैमाने पर अवैध रूप से अंग्रेजी शराब, गांजा, महुवा शराब इत्यादि अन्य नशे के पदार्थ बेखौफ गांधीनगर थाना प्रभारी एवं प्रधान आरक्षक के संरक्षण में चल रहा है जिसका संरक्षण थाना प्रभारी महत्वपूर्ण रूप से भी कर रहें है ऐसा माना जा सकता है.

विशेष सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बिशुनपुर क्षेत्र से गोरसी डबरा से अवैध महुआ शराब बनाने के मामले में गांधीनगर थाना के प्रधान आरक्षक जो इन अवैध कारोबारी को अपना परिचय बतौर दरोगा के रूप में देते हैं उनका अचंभित नाम मनोज मालवीय एवं आरक्षक सतीश चौहान जिन्होंने पेट्रोलिंग गाड़ी का उपयोग करते हुए अवैध महुआ शराब बनाने वाले के घर में दबिश देकर 30 लीटर अवैध महुआ शराब बरामद किया जबकि रिकॉर्ड में 3 लीटर दिखाकर अवैध शराब बनाने वाली महिला से ₹18000 कैश लेकर मामले को रफा दफा करने एवं छोटा केस बनाने के मकसद से 30 लीटर महुआ शराब की जगह 3 लीटर महुआ शराब रिकॉर्ड में दर्ज कर मामूली कार्यवाही अपने घूसखोरी वाले नियत को दिखाते हुए कर डाला.

मिली जानकारी के अनुसार गांधीनगर थाना प्रभारी एवं मनोज मालवीय एवं सतीश चौहान के द्वारा यह कर्तव्य आज पहला अनोखा कार्य नहीं है जबकि इनके द्वारा लागातार इस तरह के बड़े बड़े कारनामें अपने आला अफसर का नाम लेकर किया जाता रहा हैं,

तमाम मामले के कार्यवाही में शामिल मनोज मालवीय से पुरे घटनाक्रम की जानकारी के लिए फ़ोन किया गया तो उनके द्वारा बात क़ो टालते हुए यह बताया गया की कार्यवाही नायकर सर के द्वारा किया गया हैं आप उनसे जानकारी ले लीजिये जबकि सूत्रों से प्राप्त जानकारी से उक्त आरोपी से अवैध शराब बेचने के एवज में डीलिंग मनोज मालवीय एवं सतीश चौहान के द्वारा किया गया था जिसमें ₹18000 लेकर एक बड़ी कार्यवाही को मामूली स्वरूप देकर नवा बिहान योजना की बैंड बजाते हुए इन दोनों पुलिसकर्मियों ने अपने विभाग एवं आला अफसरों की बदनामी करवाने में कोई कसर नहीं छोड़ा अब देखना यह है कि इस पूरे मामले में इन तीनो पर क्या कार्रवाई होती है आला अफसरों की कार्यवाही इन पर अवैध उगाही करने का परमिशन देते हैं या फिर इन घूसखोरी करने वालों पर कार्यवाही करते हैं यह देखने वाली बात है…

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