22/07/2026
IMG-20260722-WA0192

भ्रष्टाचार का अड्डा बना रामानुजगंज जल संसाधन विभाग: तो क्या विभाग गुमशुदा इंसान में रिपोर्ट कराएँगे तब कार्यालय आएंगे SAC राम भान मिश्रा, चेंबर पर हमेशा लटका रहता है ताला!, एन पी डहरिया का हैं आशीर्वाद? 

सरगुजा समय ​बलरामपुर-रामानुजगंज: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में जल संसाधन विभाग (संभाग क्रमांक-2 इन दिनों अपनी कार्यशैली और सुस्त व्यवस्था को लेकर गंभीर चर्चा में है। आलम यह है कि विभाग के जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी जनता के पैसों से मिलने वाले वेतन का आनंद तो उठा रहे हैं, लेकिन मैदानी स्तर पर सरकारी दफ्तर भगवान भरोसे चल रहा है।

दफ्तर से नदारद रहते हैं लेखा सहायक राम भान मिश्रा

सरगुजा समय की पड़ताल एवं विभाग के भीतर चल रहे घमासान से यह ज्ञात हुआ की लेखा सहायक राम भान मिश्रा लम्बे समय से अपने कार्यालय से गायब रहते हैं।उनके बैठने वाले चेंबर पर ज्यादातर समय ताला ही लटका रहता है। वित्तीय मामलों और शासकीय फाइलों की देखरेख करने वाले मुख्य जिम्मेदार कर्मचारी के ही इस तरह गायब रहने से विभाग के तमाम वित्तीय लेन-देन और प्रशासनिक कार्य ठप पड़े हुए हैं। आम जनता और छोटे-मोटे कार्यों के लिए आने वाले लोगों को सिर्फ मायूसी हाथ लग रही है।

ईई एन.पी. डहरिया की ‘तगड़ी मेहरबानी’ से बेलगाम हुई विभागीय व्यवस्था एवं मिश्रा बाबू 
चर्चाओं का बाजार इस बात को लेकर भी गर्म है कि आखिर इतने बड़े पैमाने पर चल रही इस मनमानी के पीछे किसका संरक्षण है? सूत्रों और स्थानीय चर्चाओं के अनुसार, कार्यपालन अभियंता (EE) एन.पी. डहरिया की कथित ‘तगड़ी मेहरबानी’ के चलते ऐसे लापरवाह कर्मचारियों के हौसले सातवें आसमान पर हैं। जब विभाग के मुखिया ही इस तरह की बेलगाम कार्यशैली पर आंखें मूंद लें, तो मातहत कर्मचारियों से नियमों के पालन की क्या ही उम्मीद की जा सकती है।

मिश्रा साहब की जानकारी लेने पे लोगों ने बताया की इन साहब के चेम्बर में ताला ही बंद रहता हैं दो साल में साहब 10 दिन कार्यालय रामानुजगंज के अपने चेम्बर में बैठे होंगे तो वह बहुत हैं। और कार्यालय के स्टॉफ मिश्रा साहब के आभारी और एहसानमद होंगे।

जल संसाधन विभाग का विवादों से रहा है गहरा नाता, SDO सुजीत गुप्ता की भ्रष्टाचारी योजनाओं से विभाग की छबि पहले भी हो चुकी हैं धूमिल? ​रामानुजगंज का जल संसाधन विभाग पहले भी बड़े पैमाने में हुए घोटालों और लापरवाही को लेकर सुर्खियों में रहा है। कभी मुआवजे की राशि के बंदरबांट तो कभी मेंटेनेंस के नाम पर सरकारी धन के दुरुपयोग के मामले यहां सामने आते रहे हैं। ताज़ा मामले में जनता और स्थानीय स्तर पर आक्रोश पनप रहा है कि आखिर कब तक इस तरह की शासकीय अमले की मनमानी चलती रहेगी।

हमने पिछले खबर में कार्यपालन अभियंता एन पी डहरिया एवं SDO सुजीत गुप्ता के मिलीभगत से कार्य कराने से पहले ही ठेकेदारों को लाखों रूपए के भुगतान की खबर बना कर तत्कालीन कलेक्टर राजेंद्र कटारा को व्हाट्सप्प के माध्यम से अवगत कराया था परन्तु कार्यवाही के नाम पर राशि की सिर्फ बंदरबाट होने की खबर सामने आई।

अब देखना यह हैं की वर्तमान जिला बलरामपुर कलेक्टर चन्दन त्रिपाठी इस, लेखा सहायक राम भान मिश्रा, लगातार भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरें रहने वाले SDO सुजीत गुप्ता, जिसका मूल पदस्थापना गोरेला पेंड्रा हैं बावजूद उसके रामानुजगंज बलरामपुर में सलग्न होकर गोलमाल वाली प्रविति एवं विभाग के छबी को धूमिल करने का कार्य कर रहा हैं, ऐसे लोगों पर क्या कार्यवाही करतीं हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *