सरगुजा समय अंबिकापुर :-
घटना के बाद पत्नी की हत्या के केस में फसने के डर से अस्पताल में भर्ती कराया था।
घटना का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है की दिनांक 15.05.2026 को आवेदक प्रसन्न अगरिया पिता जगतराम अगरिया निवासी सकरिया कुन्नी थाना लखनपुर जिला सरगुजा ने रिपोर्ट दर्ज कराया कि उसकी बहन हीरो बाई को उसका पति प्रदीप अगरिया निवासी भिट्ठीकला ने दिनांक 14.05.2026 की शाम को खटिया के पाटी से मारपीट किया है जिससे हीरो बाई को चोटें आई थी जो जिला अस्पताल में इलाज हेतु भर्ती किया था।
आवेदक की बहन हीरो बाई को सिर एवं चेहरे पर आई चोटों के कारण अस्पताल में इलाज के दौरान रात्री में मृत्यु हो गई। आवेदक की रिपोर्ट पर थाना मणिपुर में अपराध क्र- 95/2026 धारा 103(2) बी.एन.एस. पंजिबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
घटना स्थल निरीक्षण, साक्ष्य संकलन एवं शव पंचनामा कार्यवाही उपरांत शव को पोस्टमार्टम हेतु भेजा गया।
विवेचना दौरान प्रकरण के आरोपी प्रदीप अगरिया की पतासाजी हेतु नगर पुलिस अधीक्षक अंबिकापुर राहुल बंसल (भा.पु.से.) के मार्गदर्शन में थाना मणिपुर एवं साइबर सेल अम्बिकापुर की 02 भागों में संयुक्त टीम गठित की गई, दोनो पुलिस टीम द्वारा आरोपी के संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई।
मुखबीर से मिली सूचना के आधार पर प्रदीप अगरिया को पुलिस टीम द्वारा बांकी डेम के निकट जंगल में घेराबंदी कर आरोपी को हिरासत मे लेकर पूछताछ किया गया जिसने अपना जुर्म स्वीकार किया।
उसने बताया की मामूली विवाद पर गुस्से में खटिया के पति से सिर, चेहरे में मारा है जिससे पत्नी की मृत्यु होने से फस जाने के कारण डर से जिला अस्पताल अंबिकापुर में इलाज के लिए भर्ती कराना स्वीकार किया। आरोपी के विरूद्ध धारा सदर का अपराध सबूत पाए जाने से विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया है।
संपूर्ण कार्यवाही में थाना प्रभारी उप निरीक्षक सी.पी. तिवारी सहायक उप निरीक्षक अनिल पाण्डेय, प्रभारी साइबर सेल सहायक उप निरीक्षक अजीत कुमार मिश्रा, प्रधार आरक्षक विकास सिन्हा, जयदीप सिंह, म.प्रधान आरक्षक मालती तिवारी, आर. सत्येन्द्र दूबे, अशोक यादव, रमेश राजवाडे़, मनीष सिंह, अनील सिंह, उमाशंकर साहू, रमाशंकर यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

