सरगुजा समय अंबिकापुर :- छत्तीसगढ़ के सरगुजा की स्थिति अत्यंत भयावह होती नजर आ रही हैँ लगातार भू माफियाओं की गुंडागर्दी अब सड़क पर दिखने लगी हैँ जिससे अंबिकापुर शहर के पत्रकार शासकीय कर्मचारी से लेकर आम नागरिक सब प्रताड़ित हैँ।
शहर में रिंग बांध तालाब का मामला किसी से छुपा नहीं हैँ इस तालाब में अवैध तरीके से मिट्टी का पटाव करवाते हुए बड़े आसानी से फर्जी तरीके से भू माफियाओं एवं राजस्व विभाग के दलाली पूर्वक कार्य करने वाले अफसरों एवं शहर के वे सफेदपोस जिनका भूमि दलाली में भू माफियाओं साथ हमेशा नाम जुड़ता एवं चर्चित रहता हैँ के द्वारा फर्जी तरीके से नामांतरण करवा लिया गया।

अब जब कलेक्टर अजीत वसंत की कड़ी कार्यवाही रिंग बांध तालाब में करते हुए अतिक्रमण हटाने आदेशित किया गया तों तमाम भू माफिया जिन्होंने इस तालाब में अवैध कब्ज़ा करके मिट्टी का पटाव किया था वे सब कुकुरमुत्ते की तरह अचानक से उगने लगे और अब खुलेआम गाली गलौज मारपीट की धमकी देने लगे। सबसे मजे की बात यह हैँ की भू माफिया एवं उसके गुर्गो की बात पर हैँ जो शासकीय कर्मियों कों गाली गलौज करते हुए जेल भजेवाने की धमकी देते दिखे अब वही भू माफिया एवं उसके गुर्गे स्वयं जेल जाने से बचने के लिए मुँह छुपाते एवं छुपते घूम रहे हैँ।

हालांकि जिस हिसाब से ये दलाल भू माफिया रिंग बाँध तालाब में शासकीय कर्मचारियों से गाली गलौज करके भयादोहन का प्रयास करके भाग खड़े हुए उससे यह ही माना जा सकता हैँ की शेर के पिंजरे में होने से दो चार कुत्ते पिंजरे के बाहर खड़े होकर शेर पर भोंकते नजर आते है और जब वही शेर पिंजरा से बाहर निकल जाता हैँ तों जैसे कुत्तो की सामत ही आ गई हो सब भाग अपना जान बचाने छुपते हुए नजर आता हैँ वही हालत रिंग बांध में धमकी देने वालों गुर्गो की थी जिसकी हेकड़ी जिला प्रशासन ने निकाल दी उक्त मामले में आधा दर्जन धाराओं में अपराध पंजीबंध कर लिया गया हैँ।

आपको बता दें की सरगुजा में शासकीय भूमि एवं शासकीय तालाबों में कब्ज़ा करने एवं करवाने में सबसे बड़ा योगदान सम्बंधित पटवारी कों होता हैँ जिसके सहयोग एवं संरक्षण से ही उक्त तमाम भूमियों पर भू माफियाओं के द्वारा कब्ज़ा किया जाता हैँ उसके बाद उक्त भू माफियाओं एवं गुर्गो के द्वारा जिला प्रशासन कों ही आँख तरेरा जाता हैँ एवं शासकीय कर्मचारियों कों गाली गलौज जान से मारने की धमकी दी जाती हैँ।

इस पुरे मामले में फर्जी दस्तावेज लगा कर नामांतरण करवाने एवं करने वाले भू माफिया एवं पटवारी के साथ साथ सलिप्त समस्त लोगों पर अपराध पंजीबंध करके कार्यवाही करने की आवश्यकता हैँ।
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वही एक मामला और सामने आया हैँ की गाँधी चौक स्थित एसपी बंगला, विधायक एवं मंत्री बंगला, एडिशनल एसपी बंगला जैसे जगह में शहर के नामचीन अपराधी एवं उसके गुर्गो के द्वारा एक पत्रकार कों बेरहमी से मारा गया जहाँ उसके सर से काफ़ी खून निकलता रहा जिसके बाद पत्रकार पंकज शुक्ला कार्यवाही के लिए घंटो थाना में बैठा रहा जिसके बाद पुलिस द्वारा अपराध पंजीबंध कर लिया गया हैँ।

हुए मारपीट की पूरी जानकारी अभी प्राप्त नहीं हुई हैँ की खबर प्रकाशन के कारण मारपीट किया गया हैँ की आपसी रंजिस का मामला हैँ यह जाँच का विषय हैँ।


