सरगुजा समय अंबिकापुर :- सयुंक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं अनिल शुक्ला ने पत्राचार के माध्यम से बताया की संभाग के समस्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, समस्त सिविल सर्जन एवं समस्त खण्ड चिकित्सा अधिकारी को निर्देश जारी किया गया है कि, अधीनस्थ प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (एफ.आर.यू. सेंटर), सिविल अस्पताल में आवश्यक स्वास्थ्य सुविधा के होते हुये भी मरीजों को निजी संस्थानों में रेफर किया जाता है, जो सही नहीं है।

जबकि सामान्यतः प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र से जिला अस्पताल एवं जिला अस्पताल से चिकित्सा महाविद्यालय में रेफर किये जाने हेतु श्रृंखला पूर्व से ही निर्धारित है।
प्रायः यह देखा गया है कि कई शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों के बाहर / परिसर में कई निजी एम्बुलेंस खड़े पाये गये हैं तथा मरीजों के परिजनों से भी दुर्व्यवहार करतें हैं जिससे कभी-कभी अस्पताल परिसर में विवाद की स्थिति भी बनती है।
अतः यह सुनिश्चित करें कि, किसी भी शासकीय अस्पताल परिसर में कोई भी निजी एम्बुलेंस न रहे।

आपके जिलों में स्थित निजी चिकित्सा संस्थानों / अस्पताल द्वारा नर्सिंग होम एक्ट / आयुष्मान कार्ड के तहत् पंजीकृत होने के बावजूद भी भर्ती मरीजों को आयुष्मान भारत कार्ड के माध्यम से भर्ती / इलाज किये जाने से परहेज किया जाता है जो सही नहीं है। इन निजी चिकित्सा संस्थानों / अस्पतालों को चिन्हांकित कर इनके विरूद्ध नर्सिंग होम एक्ट-2013 के प्रावधान अनुसार अनुशासनात्मक कार्यवाही सुनिश्चित किये जाने तथा समस्त निजी अस्पतालों का बैठक आयोजित कर आवश्यक निर्देश जारी करने समस्त संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी किया गया है।

