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जिले के वरिष्ठ पत्रकारों कों नवीन आपराधिक क़ानून 2023 के प्रति जागरूक करने सरगुजा पुलिस द्वारा “संवाद कार्यक्रम” का किया गया आयोजन

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🔷 पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज के मुख्य आतिथ्य मे कलेक्ट्रेट सभाकक्ष मे आयोजित किया गया था जागरूकता कार्यक्रम।

🔷 कार्यक्रम मे जिले के प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के वरिष्ठ पत्रकार रहे शामिल, नये प्रावधानो से आमनागरिकों कों लाभान्वित करने मे मीडिया समूह की होंगी महत्वपूर्ण भूमिका।
🔷 आमनागरिक सम्बन्धी जनउपयोगी प्रावधानो पर कार्यक्रम मे की गई चर्चा ज़ीरो एफआईआर, ई-एफआईआर एवं प्रकरणों मे की गई कार्यवाही की प्रगति सूचना प्रार्थी कों निश्चित समयावधि पर प्रदान करने सम्बन्धी दी गई जानकारी।
🔷 जनता कों पारदर्शी एवं त्वरित न्याय व्यवस्था प्रदान करने हेतु नवीन क़ानून संहिता 01 जुलाई 2024 से जिले सहित देश भर मे हुई हैं लागू।

सरगुजा :-  पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार सरगुजा पुलिस द्वारा जारी अभियान “ऑपरेशन विश्वास” के तहत आज दिनांक कों कलेक्ट्रेट सभाकक्ष मे नवीन कानूनों के क्रियान्वयन की दिशा मे जिले के वरिष्ठ पत्रकारो कों नवीन कानूनों के प्रावधानो के सम्बन्ध मे जागरूक करने के उद्देश्य से सरगुजा पुलिस द्वारा “संवाद कार्यक्रम” का आयोजन किया गया, कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज  अंकित गर्ग, जिला कलेक्टर  विलास भोस्कर एवं पुलिस अधीक्षक सरगुजा  योगेश पटेल ने “संवाद कार्यक्रम” मे जिले के वरिष्ठ पत्रकारो से नवीन आपराधिक क़ानून एवं प्रावधानो के सम्बन्ध मे चर्चा की गई।

“संवाद कार्यक्रम” को सम्बोधित करते हुए पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज  अंकित गर्ग ने कहा कि नवीन आपराधिक कानूनों कों जन जन तक पहुंचाने एवं आमनागरिकों कों नवीन क़ानून के तहत प्रदाय किये गए विभिन्न जनसुविधा सम्बन्धी प्रावधानो के प्रचार प्रसार एवं जागरूकता हेतु लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ मीडिया समूह कों नवीन आपराधिक क़ानून की दूरदर्शिता के बारे मे अवगत कराना आवश्यक हैं, हाल ही मे नवीन आपराधिक क़ानून 01 जुलाई 2024 से जिले सहित देश भर मे लागू हुए हैं, जिस सम्बन्ध मे आमनागरिकों सहित समाज के सभी प्रबुद्ध वर्गों कों जनजागरूकता अभियान के तहत कार्यक्रम आयोजित कर जागरूक किया जा रहा हैं, आमनागरिकों कों जागरूक करने आप सभी वरिष्ठ पत्रकार साथियो का महत्वपूर्ण योगदान हैं, नवीन आपराधिक क़ानून मे आमनागरिकों कों जीरो एफआईआर एवं ई एफआईआर की सुविधा प्रदान की गई हैं, जिसमे आम व्यक्ति किसी भी छेत्र के थाने मे अपनी शिकायत दर्ज कराने के साथ अपनी शिकायत सीधे ऑनलाइन दर्ज करा सकता हैं, अब थाना छेत्र की सीमा एवं तत्काल परोक्ष रूप से उपस्थित होकर अपनी शिकायत दर्ज कराना पिड़ित के लिए आवश्यक नही हैं, ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने के 03 दिवस के भीतर दर्ज शिकायत कों हस्ताक्षरित करना आवश्यक हैं जिससे दर्ज शिकायत पर प्रकरण पंजीबद्ध किया जा सकेगा, नवीन आपराधिक क़ानून मे आमनागरिकों के प्रति जवाबदेही तय की गई हैं, पिड़ित की शिकायत पर की गई कार्यवाही के सम्बन्ध मे 90 दिन मे पिड़ित कों मामले मे की गई कार्यवाही से अवगत कराने की समय सीमा का निर्धारण किया गया हैं, मामलो की वीडियोग्राफी, ऑडियोग्राफी जैसे महत्वपूर्ण साक्ष्य कों प्राथमिक साक्ष्य के रूप शामिल किया गया हैं, अब साइबर अपराध, आतंकवाद, संगठित अपराध, मॉब लिन्चिंग सम्बन्धी अपराधों के सम्बन्ध मे नवीन प्रावधान आपराधिक क़ानून मे शामिल किये गए हैं।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कलेक्टर सरगुजा  विलास भोस्कर ने कहा कि सार्थक एवं जनपयोगी जानकारियों कों जन जन तक पहुंचाने का सबसे बड़ा साधन मीडिया संस्थान हैं, समाचार पत्रों एवं न्यूज चैनलो से जागरूक होकर आमनागरिक शासन की योजनाओं से लाभान्वित होते हैं, साथ ही नवीन आपराधिक क़ानून मे वर्तमान आधुनिक युग के अनुसार तकनिकी एवं वैज्ञानिक समावेश किये गए हैं, अपराध घटित करने वाले वाले व्यक्ति टेक्नोलॉजी आधारित घटनाये कारित कर रहे हैं, इस पर प्रभावी नियंत्रण किये जाने हेतु नवीन आपराधिक क़ानून मे वैज्ञानिक पहलुवो पर जांच के प्रावधान शामिल किये गए हैं, न्याय प्रणाली मे पारदर्शिता लाने के लिए नागरिक केंद्रित क़ानून बनाया गया हैं, जिले के वरिष्ठ पत्रकारो कों नवीन क़ानून के प्रावधानो की समुचित जानकारी प्रदान करना आवश्यक हैं, आप सभी अपने समाचार पत्रों एवं चैनलो के माध्यम से आमनागरिकों कों नवीन क़ानून मे किये गए प्रावधानो का प्रचार प्रसार करें, जन जन तक नवीन कानूनों कों पहुंचाने की जिम्मेदारी हम सबकी हैं, और न्याय व्यवस्था कों पारदर्शी करने के साथ साथ मामलो के त्वरित निराकरण करने की दिशा मे नवीन आपराधिक क़ानून आमलोगो के लिए लाभदायक साबित होंगे।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक सरगुज  योगेश पटेल ने कहा कि नवीन आपराधिक क़ानून मे भारतीय न्याय संहिता,भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, भारतीय साक्ष्य संहिता के प्रावधान लागु किये गए हैं, क़ानून से प्रत्येक व्यक्ति प्रभावित होते हैं और कानूनों के सम्बन्ध मे समुचित जानकारी प्रदान करना हमारा दायित्व हैं, मीडिया समूह जनजागरूक मे अपना महत्त्वपूर्ण योगदान निभाते हैं, नवीन आपराधिक क़ानून मे पुलिस की जांच विवेचना कों वैज्ञानिक तकनीक के आधार पर किये जाने के प्रावधान नवीन क़ानून मे शामिल किये गए हैं, ई-एफआईआर, जीरो एफआईआर अब प्रावधानो के तहत लागु किये गए हैं, प्रकरणों की कार्यवाही कों पारदर्शी बनाये रखने एवं मामलो मे दोसिद्धि हेतु फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी के प्रावधान किये गए हैं, 07 वर्ष से उपर के सजा के मामलो मे फॉरेंसिक टीम का घटनास्थल निरीक्षण के प्रावधान भी किये गए हैं जिसका लाभ पिड़ित के साथ साथ अपराध मे शामिल आरोपियों की दोससिद्धि मे सहायक साबित होगा।

सहायक लोक अभियोजन अधिकारी अम्बिकापुर  राजेश सिंह द्वारा जिले के वरिष्ठ पत्रकारो कों नवीन आपराधिक कानूनों के बारे मे विस्तार पूर्वक जानकारी देते हुए बताया गया कि पहले पिड़ित की शिकायत पर क्या कार्यवाही हुई इसका पता शिकायतकर्ता कों प्राप्त नही हो पाता था नवीन कानूनों के प्रावधान के तहत 90 दिनों के अंदर शिकायतकर्ता को प्रकरण मे की गई कार्यवाही की सूचना देना आवश्यक हैं, पुलिस के साथ साथ माननीय न्यायालय की कार्यवाही कों भी समय सीमा मे बाँधने के लिए प्रावधान किये गए हैं, कई सालो तक प्रकरण मे आरोप तय नही होते थे अब 60 दिनों के अंदर आरोप तय करने होंगे। बच्चों के माध्यम से अपराध करवाने वाले व्यक्तियों पर सख्त प्रावधान किये गए हैं , संगठित अपराध, आतंकवाद कों नये क़ानून मे शामिल किया गया हैं, मॉब लिन्चिंग के मामलो कों गंभीर अपराध मानकर सख्त कार्यवाही किये जाने के प्रावधान हैं, नवीन आपराधिक क़ानून मे सामुदायिक सेवा का दंड शामिल किये गए हैं छोटे प्रकार के 06 अपराधों मे सामुदायिक सेवा का दंड शामिल किया गया हैं।

कार्यक्रम के दौरान अपर कलेक्टर  सुनील नायक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक  अमोलक सिंह ढिल्लों, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस ग्रामीण  अमित पटेल, एडीपीओ  राजेश सिंह, उप निरीक्षक अभय सिंह (एम), सभी प्रमुख समाचार पत्रों/इलेक्ट्रॉनिक चैनल के ब्यूरोचीफ सहित काफी संख्या मे वरिष्ठ पत्रकार एवं पुलिस अधिकारी/कर्मचारीगण शामिल रहे।

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