26/06/2026
20260626_090419



सरगुजा समय अंबिकापुर: जिले में आधार पंजीयन के नाम पर एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। नियमों को ताक पर रखकर यू.आई.डी.ए.आई. (UIDAI) द्वारा ब्लैकलिस्ट किए गए एक आधार ऑपरेटर के फिर से सक्रिय होने और धड़ल्ले से केंद्र संचालित करने की खबर ने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

यहाँ जाने क्या है पूरा मामला?


मिली जानकारी के अनुसार, संतोष कुमार गुप्ता नामक ऑपरेटर, जो वर्ष 2018 से आधार का कार्य कर रहा है, उस पर पूर्व में ही अनैतिक वसूली और गैर-कानूनी तरीके से आधार पंजीयन करने के गंभीर आरोप लगे थे।

इन शिकायतों के आधार पर यू.आई.डी.ए.आई. द्वारा उसकी आईडी को स्थायी रूप से ब्लॉक कर दिया गया था। इसके बावजूद, ऑपरेटर ने अपनी साली के नाम पर महिला बाल विकास विभाग के तहत नई आईडी हासिल कर ली और चिप्स (CHiPS) द्वारा आवंटित अपनी पुरानी मशीन को महान चॉइस सेंटर (संचालक: मनोज ठाकुर) में रखकर अवैध रूप से संचालन शुरू कर दिया।


पुरे मामले में वैभव सिंह के लगातार शिकायत के बावजूद प्रशासन की चुप्पी पर गंभीर सवाल?
स्थानीय नागरिकों और कई जागरूक लोगों का आरोप है कि इस पूरे गोरखधंधे की जानकारी ई-जिला प्रबंधक वैभव सिंह को मौखिक एवं लिखित में कई बार दी दी जा चुकी हैं लेकिन उनके द्वारा कोई भी ठोस कार्यवाही नहीं करना इस पुरे मामले में उनकी संलिप्ता को दर्शाता हैं । इस पुरे मामले में जानकारों का कहना है कि बिना विभागीय मिलीभगत के एक ब्लैकलिस्टेड व्यक्ति का दोबारा सिस्टम में ऑनबोर्ड होना नामुमकिन है।

आम नागरिकों का डेटा सुरक्षा खतरे में
एक ऐसे व्यक्ति के हाथ में आधार बनाने का अधिकार होना, जिसका रिकॉर्ड पहले से ही संदिग्ध रहा है, जिले के आम नागरिकों के बायोमेट्रिक और व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर किसकी शह पर यह ऑपरेटर बार-बार नियमों की धज्जियां उड़ा रहा है?


पुरे मामले में संलिप्त लोगों पर कार्यवाही की मांग
जिले के जागरूक नागरिकों ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस अवैध केंद्र को बंद कर ऑपरेटर और उसे संरक्षण देने वाले अधिकारियों पर कार्यवाही नहीं की गई, तो वे कलेक्टर कार्यालय में उग्र प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *