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20 वर्ष पहले मृत व्यक्ति के नाम से जमीन रजिस्ट्री करवाने जैसा बड़ा आपराधिक मामला ठंडे बस्ते मे, मृत भू स्वामी को कागजों में जीवित कर करवाया रजिस्ट्री इन दलालों पर कलेक्टर मेहरबान ?

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शुभांकुर पाण्डेय सरगुजा समय बलरामपुर – रामानुजगंज :- छत्तीसगढ़ में लागातार जमीन दलालों की एक बड़ी फौज देखने को मिल रही है फिर चाहे शासन सत्ता किसी भी दल के पास क्यों ना हो भू माफियाओं के सफेदपोस रसूखदारों एवं सफेदपोस रसूखदारों का भू माफियाओं से इतना तगड़ा सम्बन्ध देखने को मिल रहा है की शहर की आम जनता अब अधिकांश भू माफियाओं एवं नेता – मंत्री जिनके संरक्षण में जमीन दलाल पनप रहे हैं उन्हें उन नेता मंत्रीयों को भी जमीन दलाल एवं भू माफिया कहने से नहीं कतरा रही.

कुकुरमुत्ते की तरह पनपते भू माफिया
आपको बता दे की रामानुजगंज – बलरामपुर मे जमीन दलालों की तादात अचानक से कुकुरमुत्ते की तरह बढ़ते नजर आ रही हैं इन जमीन दलालों का दबदबा एवं ख़ौफ़ अचानक इस कदर बढ़ गया है की इन भू माफियाओं के विरुद्ध कार्यवाही की कलम चलाने की हिमाकत स्वयं कलेक्टर तक नहीं कर पा रहे है ऐसा माना जा सकता है क्योंकि जिस भूमि की हम बात कर रहे है उस भूमि का भूमि स्वामी लगभग 20 से 24 वर्ष पूर्व मृत हो चूका हैं परन्तु इन भू माफियाओं के द्वारा फर्जी व्यक्ति को बतौर उक्त भूमि का भू स्वामी बता कर फर्जी तरीके से रूप से बिक्री करवा डाला.


मामला हाई प्रोफ़ाइल होते ही शिकायत पंहुचा कलेक्टर के पास, परन्तु कार्यवाही शून्य बटा सन्नाटा

विशेष सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भू माफियाओं एवं सफेदपोस रसूखदारों के द्वारा बड़े फर्जीवाड़े एवं आपराधिक कृत्य की बात तत्कालीन कलेक्टर जिला बलरामपुर विजय दयाराम के. के पास तमाम अख़बार में प्रकाशित खबर एवं बतौर लिखित शिकायत दर्जनों आवेदकों के माध्यम से किया गया था जिसमे वर्षो तक जाँच करवाने एवं जाँच टीम गठन करने को लेकर कई महीनों तक मामला रेंगता रहा उसके बाद तत्कालीन कलेक्टर ने उक्त मामले के जाँच के लिए एक जाँच टीम का गठन कर दिया उसके पश्चात गठित जाँच टीम के जाँच रिपोर्ट आने के नाम पर उक्त मृतक के भूमि को फर्जी तरीके से विक्री करने एवं सडयंत्र कारित कर मृत व्यक्ति के स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति को प्रस्तुत कर एक उक्त भूमि फर्जी भू स्वामी के माध्यम से विक्रय करने की बात जाँच में आई परन्तु जाँच प्रतिवेदन किसके दबाव एवं की कारण सार्वजनिक नहीं किया गया यह विचारणीय बात हैं.

एक तत्कालीन कलेक्टर एवं एक वर्तमान कलेक्टर के पास पहुंची बड़े भूमि फर्जीवाड़े एवं आपराधिक प्रकरण की जाँच अधर में लटकी

जिस तरह से इस करोड़ों रूपए की लागत वाली भूमि को भू माफियाओं के द्वारा मृत व्यक्ति को जीवित कर फर्जी तरीके से रजिस्ट्री करवा दिया गया और भू माफियाओं पर किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं होना और जाँच के नाम पर मामले को रेगता करना इन भू माफियाओं के सह देना एवं भविष्य में इस तरह के बड़े – बड़े मामले को करने के लिए खुली छुट देना माना जा सकता हैं, विभाग द्वारा इस बड़े भूमि फर्जीवाड़े एवं आपराधिक मामले को  लागातार किसके दबाव के कारण ठंडे बस्ते में डालकर कार्यवाही नहीं किया जा रहा यह तो वक्त ही बताएगा.

वर्तमान कलेक्टर ने जाँच उपरांत कार्यवाही करने की कही थी बात

इस पुरे मामले में वर्तमान में पदस्त बलरामपुर जिला कलेक्टर आर. एक्का से उनके जिला बलरामपुर कलेक्टर प्रभार सम्हालते ही मृत व्यक्ति को कागजों में जीवित कर भूमि विक्रय करने एवं आपराधिक कृत्य करते हुए किये गए फर्जीवाड़े की जानकारी चाही गई तो उन्होंने बताता की अभी नया – नया आया हु जाँच करवा कर बताऊंगा परन्तु जिला के मुखिया अब पुराने तो हो गए लेकिन ऐसा लगता हैं की पुराने होने के साथ- साथ उक्त मामला भी इनके लिए पुराना हो गया बता दे की साहब जब नया – नया प्रभार सम्हाले थें तब इन भू माफियाओं के बड़े आपराधिक मामले की जानकारी इन्हे फोन के माध्यम से दी गई थी परन्तु अब ऐसा लगता हैं की इस मामले में इनकी कोई रूचि नहीं होना  माना जा सकता है.


कछुए की चाल से भी धीमी गति से रेंगता मृत व्यक्ति के नाम से फर्जी रूप से किये गए जमीन रजिस्ट्री का मामला


आपकी जानकारी के लिए बता दे की जिस हिसाब से बड़े पैमाने में भू माफियाओं द्वारा किये गए जमीन फर्जीवाड़े की कार्यवाही करने की बात कही जा रही हैं उससे यह माना जा सकता हैं की कार्यवाही के नाम पर सिर्फ बहाना बनाया जा रहा हैं विभाग द्वारा बहाना बनाते हुए फाइल को कछुए की चाल से भी धीमी गति प्रदान किया जा रहा है उससे यह स्पष्ट होता है की जाँच पूरी नहीं हो पाने के पीछे किसी बड़े महारथी एवं सफेदपोस रसूखदार का हाथ हैं जिसके खुटे से तमाम कार्यवाही के नियमों को बांध दिया गया हैं, या फिर यह माना जाए की जाँच करवाने की बात आम जनता के आँखों में धूल झोकने का कार्य हैं बाकि तो इस जाँच की कड़ी भू माफियाओं को फायदा पहुंचाना है?


भू माफियाओं के सामने समस्त नियम क़ानून शिथिल होते आ रहे नजर

मिली जानकारी के अनुसार इन जमीन दलालों का दबदबा इतना तगड़ा है की इनके सामने शासन के तमाम नियम कायदे क़ानून सभी सिथिल हो जाते है, यही कारण है की इन जमीन दलालों एवं भू माफियाओ के तमाम प्रकार के नियम विरुद्ध फर्जी तरीके से जमीन रजिस्ट्री करवा लेते है और कोई इनका बाल भी बांका नहीं कर पाता और करोड़ों की कीमत वाली भूमि को फर्जीवाड़े एवं आपराधिक कृत्य के साथ साथ कौड़ी के दाम में क्रय करवा कर खुद करोड़ों रूपए का वारा न्यारा कर रहे हैं और आम नागरिकों के समक्ष दहशत फैलाने का प्रयास कर रहे हैं जिससे आम शरीफ नागरिक अपनी स्वयं की भूमि खरीद बिक्री करने में भयभीत हैं जिससे ऐसा प्रतीत होता हैं की इन भू माफियाओं के मर्जी के बिना यहाँ एक पत्ता भी नहीं हिल सकता.


पूर्व में हमने लगाया था खबर जिसमे सामने आई यह बड़ी बात

पूर्व मे लगे खबर मे हमने बताया था की रामानुजगंज जिला बलरामपुर मे जमीन खसरा क्रमांक 4/11 रामानुजगंज 1.0920 हेक्टेयर का रजिस्ट्री भू माफियाओ द्वारा फर्जी एवं आपराधिक तरीके से करवा लिया गया जबकि उक्त भूमि के स्वामी का कई वर्षो पहले निधन हो चूका है उसके बाद भी मृतक के नाम वाली जमीन भू माफियाओ के द्वारा रजिस्ट्री करवा लिया गया और सम्बंधित विभाग से लेकर आला अफसरों के द्वारा दलाली पूर्वक कमाए गए धन से सेंकी गई रोटियां तोड़ने और खाने में लगे रहे एवं मुक़बधिर बन नजारा देखते गए जिससे ऐसा प्रतीत होता हैं की भू माफियाओं के द्वारा किये गए इस बड़े फर्जीवाड़े में राजस्व विभाग के कुछ    जवाबदार अफसरों के द्वारा अपनी दलाली पूर्वक नीति अपनाते हुए मौन स्वकृति प्रदान की जा चुकी थी जिस कारण इतने बड़े मामले को अंजाम दिया गया जो की जाँच का विषय हैं.


मृत व्यक्ति के जमीन को क्रय करने वाले क्रेता के हौसले इतने बुलंद की ब्लैक चेक दे कर करवा डाला रजिस्ट्री


विशेष सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भू माफिया एवं आला तबके के जमीन दलालों के द्वारा जिस फर्जी व्यक्ति को भू स्वामी गहनी आत्मज दुक्की बना कर मुन्ना नागवंसी आत्मज तुलसी नागवसी एवं राधा सिंह पति बहादुर सिंह के नाम से फर्जी तरीके से रजिस्ट्री करवा डाला इसमें एक क्रेता ऐसा भी है जिसने जमीन खरीदी के लिए अपने बैंक अकाउंट वाला एक ब्लैक चेक भी दें डाला मतलब आपराधिक तरीके से भूमि क्रय करने वालों के भी हौसले इतने बुलंद है की ब्लैक चेक तक देने लेने से पीछे नहीं हट रहे, मिली जानकारी के अनुसार इस फर्जी व्यक्ति को गहनी आत्मज दुक्की बनवाने से लेकर तमाम क्रेता -विक्रेता  गवाह सब एक बड़े माहिर भू माफिया एवं खिलाडी का हाथ हैं जिसके संरक्षण में तमाम कुकुरमुत्ते की तरह उपजे भू माफिया अपना रोटी जम सेंक रहे और जिले की तमाम शासकीय एवं निजी भूमि को फर्जी तरीके से कर के क्रय विक्रय कर फर्जीवाड़ा करते हुए शासन को एक बड़े राजवस्व का चपत लगाया जा रहा हैं.


क्या हैं पूरा मामला

जानकारी के किये बता दें की रामानुजगंज मे स्थित करोड़ों की जमीन खसरा क्रमांक 4/11 रामानुजगंज 1.0920 हेक्टेयर को फर्जी व्यक्ति को भू स्वामी गहनी आत्मज दुक्की बना कर बेच डाला जिस जमीन की बिक्री दलालों द्वारा बड़े आसानी से कर डाला उसमे पुलिस प्रशासन एवं जिला प्रशासन मौन क्यों है यह समझ से परे है.

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जिस करोड़ों रूपए वाली जमीन खसरा क्रमांक 4/11 रामानुजगंज 1.0920 हेक्टेयर का भू स्वामी है ही नहीं उसकी मृत्यु होने की बात भी सामने आ रही है उस भू स्वामी गहनी आत्मज दुक्की के जगह पर इन जमीन दलालों के द्वारा फर्जी व्यक्ति को गहनी आत्मज दुक्की बना कर रजिस्ट्री करवा डाला मतलब ओरिजनल भू स्वामी गहनी आत्मज दुक्की के मौत का जिम्मेदार कौन है यह भी जाँच का विषय है.

जैसा की हमने पहले के खबर में यह सवाल किया था की फर्जी रूप से गहनी आत्मज दुक्की जिस व्यक्ति को बनाया गया उसके पीछे किन -किन लोगों का हाथ है किसने उसका आधार कार्ड, पैनकार्ड, निवास इत्यादि जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज तैयार करवाया यह एक गंभीर रूप से जाँच का विषय है यही सवाल आज एक साल बाद भी है किसके साजिस से यह बड़ा आपराधिक कारनामा किया गया.

लेकिन पुलिस ने सिर्फ उक्त व्यक्ति जो की मात्र 10000.00 दस हजार रूपए मिलने के लालच मे गहनी बनने को तैयार होगा उसे जेल भेज पुलिस ने अपना पल्ला झाड़ कर पाक साफ बनने का दिखावा कर रही है जबकि पुलिस को भी मालूम है की इस आपराधिक सडयंत्र मे बड़े- बड़े जमीन दलाल एवं भू माफियाओ एवं सफेदपोस का हाथ है लेकिन इन दबंगो पर कार्यवाही करने की हिमाकत सम्बंधित विभाग नहीं कर पा रहा यह विभाग के लिए बड़ा ही शर्मिंदगी की बात है।



भू माफियाओं पर पटवारी की मेहरबानी संदेहास्पद

इस पुरे मामले में भू माफियाओं पर पटवारी की मेहरबानी का कारण समझ से परे हैं जैसा की हमने आपको पहले ही बताया था  की रामानुजगंज हल्का नंबर 35 के पटवारी अपनी नौकरी कम भू माफियाओ की दलाली जम कर कर रहे है जिस जमीन का खसरा क्रमांक 4/11 रामानुजगंज 1.0920 हेक्टेयर का फर्जी तरीके एवं आपराधिक तरीके से रजिस्ट्री करवाने का मामला सामने आया था वह एक बहुत बड़ा आपराधिक सडयंत्रकारी मामला है जिसमे पटवारी की बहुत बड़ी सहभागिता भी मानी जा सकती है परन्तु जब बड़े एवं आला अफसरों की ही कलम जाम होने लगे तो भू माफियाओं के लिए दलाली पूर्वक कार्य करने वाले पटवारी की तो बल्ले – बल्ले हो ही जाएगी.

आपकी जानकारी के लिए बता दे की सम्बंधित पटवारी शैलेश मेहता ने जिस हिसाब से उक्त करोड़ों रूपए के जमीन खसरा क्रमांक 4/11 रामानुजगंज 1.0920 हेक्टेयर की रजिस्ट्री करवाने मे दलालों के हित मे कड़ी मेहनत एवं पूर्व ईमानदारी से काम करते हुए जी जान एक कर दिया उससे यह साफ है की इस बड़े शासकीय भूमि जो की करोड़ों रूपए के लागत की भूमि है उसका वारा न्यारा हल्का नंबर मे अपने पदभार ग्रहण करने के मात्र 04 महीने मे कर डाला था अब इसके लिए इतनी क्या हड़बड़ी थी यह तो पटवारी ही समझें।

फर्जी तरीके से मृत के स्थान पर अन्य फर्जी व्यक्ति के नाम से रजिस्ट्री करने के मामले में पटवारी की भूमिका भी अत्यंत संदिग्ध नजर आ रही है ऐसा प्रतीत क्यों हो रहा है वह भी हम आपको बताते है.

यह पटवारी पटवारी कम भू माफियाओ का दलाल ज्यादा जिसके पास स्थल जाँच करने का महत्वपूर्ण जिम्मेदारी था वह पटवारी स्थल जाँच के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति कर अपने जमीन दलाल आकाओं को ख़ुश कर डाला क्योंकि अगर ईमानदारी से स्थल जाँच की जाती तो उक्त भूमि खसरा क्रमांक 4/11 रामानुजगंज 1.0920 हेक्टेयर मे लगभग 20-25 घर जो की कई वर्षो पूर्व मे बना हुआ है वह पटवारी को दिख तो जरूर जाता.

पटवारी का भू माफियाओ के चरणवंदन करने का उदाहरण इस बात से लगाया जा सकता है की जिस जमीन खसरा क्रमांक 4/11 रामानुजगंज 1.0920 हेक्टेयर का फर्जी तरीके से रजिस्ट्री करवया गया उक्त भूमि के भू स्वामी की मृत्यु हो चुकी थी उसके बाद फर्जी व्यक्ति को भू स्वामी बना कर रजिस्ट्री करवाने के लिए स्थल जाँच के नाम पर खानापूर्ति कर कर दिया गया.

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त पुरे मामले मे तत्कालीन कलेक्टर विजय दयाराम के. बलरामपुर ने इस हाई प्रोफ़ाइल मामले के जाँच के लिए एक टीम गठित किया था जिसमे उक्त दल द्वारा जाँच कर जाँच रिपोर्ट कलेक्टर के समछ प्रस्तुत कर दिया था परन्तु जाँच रिपोर्ट मे दोषी पाए जाने वाले अधिकारीयों पर कार्यवाही करने के जगह उन आरोपियों पर किसकी मेहरबानी बरसी की तत्कालीन कलेक्टर एवं वर्तमान कलेक्टर बलरामपुर दोनों उक्त दलालों एवं आरोपियों पर कार्यवाही करने में असमर्थ होते नजर आ रहे हैं, कौन इन दलालों का शुभचिंतक हो गया की ये भू माफिया अचानक से दूध के धुले हो गए खैर यह तो जाँच का विषय हैं जो कछुए की चाल से धीमी रफ़्तार से चल ही रही हैं खैर बकरे की अम्मा कब तक खैर मनाएगी कभी ना कभी तो नियम क़ानून के दायरे में आएगी

बलरामपुर कलेक्टर आर. एक्का की बात की जाये तो इनके बारे मे शुरुवाती दौर में आम लोगों की राय यही थी की इनके द्वारा कड़े नियम कायदो के साथ काम किया जाता हैं अब इस मामले मे इनके द्वारा कार्यवाही करने में लेट लतीफ क्यों हो रही है यह भी विचारणीय बात है क्या इस हाई प्रोफ़ाइल मामले में कलेक्टर महोदय के नियम कायदे भी स्थिल होते नजर आएंगे या फिर सरगुजा कलेक्टर भोस्कर बिलास संदीपन की तर्ज पर शासकीय भूमि को निजी भूमि में फर्जी तरीके से तब्दील करने वाले भू माफियाओं से लेकर संलिप्त अधिकारी पर कठोर कार्यवाही करके जिला एवं छत्तीसगढ़ की जनता के सामने ऐतिहासिक फैसला करके बड़ा पैगाम देंगे अब देखना यह बाकि हैं की पूर्व की तरह ही इन भू माफियाओं पर विभागीय कार्यवाही के नाम पर कागज और जाँच का हवाला देते हुए कछुवा के चाल से मामला चलेगा या फिर इन दलालों पर एक बड़ी कार्यवाही कर भू माफियाओं एवं मामले में सलिप्त लोगों पर कार्यवाही करते हुए एक बड़ा सन्देश समाज को जिला कलेक्टर बलरामपुर के द्वारा दिया जायेगा।

उक्त फर्जीवाड़े मे एक बड़ी कार्यवाही होना जमीन दलालों एवं दोषी अधिकारीयों के कमर तोड़ने एवं भू माफियाओ के आतंक से जिला मे शांति होने का आसार माना जा सकता हैं.

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