Coronavirus: मुख्यमंत्रियों संग बैठक में बोले PM मोदी, गांवों में कोरोना फैला तो बढ़ेगी दिक्कत, वैक्सीन की बर्बादी पर कही बड़ी बात

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नई दिल्ली। भारत में कोरोनावायरस (Coronavirus) के दैनिक मामलों में एक बार फिर तेजी देखी जा रही है। देश में बुधवार को कोविड-19 के 28,903 नए मामले और 188 मौतें दर्ज हुईं हैं। वहीं कोरोना के लगातार बढ़ते मामले को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक्शन मूड में आ गए हैं। इसी कड़ी में बुधवार को पीएम मोदी ने सभी मुख्यमंत्रियों के साथ वर्चुअल मीटिंग की। पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना के खिलाफ देश की लड़ाई को एक साल से ज्यादा हो रहा है। भारत के लोगों ने कोरोना का जिस प्रकार सामना हो रहा है, उसे लोग उदाहरण के रूप में प्रस्तुत करते हैं। आज देश में 96 प्रतिशत से ज्यादा मामले रिकवर हो चुके हैं। मृत्यु दर में भी भारत सबसे कम दर वाले देशों में है। इस दौरान पीएम मोदी ने मुख्यमंत्रियों को कोरोना की वैक्सीन की बर्बादी को लेकर भी सख्त संदेश दिया।

PM Narendra Modi

अहम बातें-

हमें वैक्सीन डोज व्यर्थ होने की समस्या को बहुत गंभीरता से लेना चाहिए, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश में वैक्सीन वेस्टेज 10% से ज़्यादा है और उत्तर प्रदेश में भी वैक्सीन वेस्टेज क़रीब इतना ही है। वैक्सीन वेस्टेज की राज्यों में समीक्षा होनी चाहिए।

कई राज्यों में रैपिड एंटीजन टेस्टिंग पर ही ज़्यादा बल दिया जा रहा है और उसी भरोसे गाड़ी चल रही है, जैसे केरल, ओडिशा, छत्तीसगढ़, यूपी। हमें देश के सभी राज्यों में आरटी-पीसीआर टेस्ट बढ़ाने पर जोर देना होगा।

कोरोना की लड़ाई में वैक्सीन प्रभावी हथियार है। देश में वैक्सीनेशन की गति लगातार बढ़ रही है। हम एक दिन में 30 लाख लोगों को वैक्सीनेट करने के आंकड़े को भी पार कर चुके हैं।

देश में वैक्सीनेशन की गति लगातार बढ़ रही है। हम एक दिन में 30 लाख लोगों को वैक्सीनेट करने के आंकड़े को भी पार कर चुके हैं। लेकिन इसके साथ ही हमें वैक्सीन doses waste होने की समस्या को बहुत गंभीरता से लेना है।

PM Narendra Modi

हमें छोटे शहरों में टेस्टिंग को बढ़ाना होगा। हमें छोटे शहरों में “रेफरल सिस्टम” और “एम्बुलेंस नेटवर्क” के ऊपर विशेष ध्यान देना होगा।

कोरोना की लड़ाई में हम आज जहां तक पहुंचे हैं, उससे आया आत्मविश्वास, लापरवाही में नहीं बदलना चाहिए। हमें जनता को पैनिक मोड में भी नहीं लाना है और परेशानी से मुक्ति भी दिलानी है।

हमें कोरोना की इस उभरती हुई “सेकंड पीक” को तुरंत रोकना होगा। इसके लिए हमें Quick और Decisive कदम उठाने होंगे।

‘टेस्ट, ट्रैक और ट्रीट’ को लेकर भी हमें उतनी ही गंभीरता की जरूरत है जैसे कि हम पिछले एक साल से करते आ रहे हैं। हर संक्रमित व्यक्ति के contacts को कम से कम समय में ट्रैक करना और RT-PCR टेस्ट रेट 70 प्रतिशत से ऊपर रखना बहुत अहम है।