युवती से पानीपत में दुष्‍कर्म, पिता ने पुलिस ने कहा हमें जाने दीजिये साहब, बच्‍चे भूखे हैं

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पानीपत में एक नाबालिग से हुई दुष्कर्म की घटना आपको झकझोर कर रख देगी। गरीबी कितने इम्तिहान लेती है, ये वही परिवार जान सकता है, जो इसे भुगतता है। एक तो बेटी के साथ गलत काम हुआ, दूसरा अब इस परिवार को अपने बच्चों के लिए रोटी की भी चिंता है। आंखों में आंसू पोंछते पिता कितना मजबूर हुआ होगा उस समय, जब उसे पुलिस के सामने कहना पड़ा, साहब। हमें जाने दो। बार-बार मत बुलाना। इस बच्ची को संभाल लेंगे। आगे कार्रवाई भी नहीं चाहते। दूसरे बच्चे भी भूख से रो रहे होंगे। मध्यप्रदेश का ये परिवार पानीपत में मजदूरी करने आया था। एक मजदूर ने ही बेटी से दुष्कर्म किया। बेटी अब तीन महीने की गर्भवती हो गई है। पानीपत में सिवाह पुलिस लाइन के सामने मेडिकल कालेज का निर्माण हो रहा है। यहां मध्यप्रदेश का परिवार मजदूरी करता था। 17 वर्षीय नाबालिग ने चांदनी बाग थाना पुलिस को बताया कि पानीपत में अक्टूबर महीने में आए थे। एक दिन शाम साढ़े छह बजे वह सीढ़ियों से नीचे उतर रही थी। कार्यस्थल पर काम कर रहे श्रमिक ने उसे एक खाली कमरे में खींच लिया। वहां उसके साथ दुष्कर्म किया। उसे धमकी भी दी। वह डर गई थी। किसी को कुछ नहीं बताया। कुछ दिन बाद स्वजन उसे अपने साथ नरेला में एक अन्य निर्माणाधीन इमारत में काम करने के लिए ले गए। मासिक धर्म नहीं आने पर उसने मां को आपबीती बताई। मां ने उसका नरेला के सत्यवादी राजा हरीशचंद्र अस्पताल में चेकअप कराया। वह तीन माह की गर्भवती निकली। नरेला पुलिस तक मामला पहुंचा। वहीं से पुलिस उसे व उसके पिता को लेकर पानीपत पहुंची।

पीड़ित के पिता ने बताया कि मंगलवार को पानीपत पुलिस उसे और बेटी को अपने साथ ले आई। मंगलवार की रात सेक्टर 29 थाने में ही बिताई। बुधवार को आधे से ज्यादा दिन कोर्ट में बेटी के बयान कराने में बीत गया। बाप-बेटी को पुलिस ने बुधवार रात को मेडिकल कालेज में ही छोड़ दिया था। पीड़ित के पिता ने जागरण को बताया कि मंगलवार को कोर्ट में बयान दर्ज कराने के बाद एक पुलिसकर्मी ने हमें मेडिकल कालेज में ही छोड़ने की बात कही। चिंता ये है कि वहां हमें रोटी कौन देगा। चलो हम तो जैसे-तैसे समय काट लेंगे। नरेला में चार बेटियां और एक बेटा भूखा बैठा होगा। काम नहीं करेंगे तो उनके लिए रोटी का जुगाड़ नहीं हो पाएगा। गरीबी इतनी है, हम तो कार्रवाई भी नहीं चाहते। किशोरी ने बताया कि वह आठवीं तक पढ़ी है। निर्माणाधीन इमारत में एक मजदूर ने उसके साथ गलत काम किया। उसे पता नहीं कि वो कौन था। स्वजनों की डांट से बचने के लिए उसने कुछ नहीं बताया। फिर आरोपित ने उसे धमकी भी दी थी।