प्यार में हुआ नाकाम तो अपराध की दुनिया में रखा कदम… फिर बन गया अपराध का मास्टरमाइंड…

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रायपुर। छत्तीसगढ़ की दुर्ग जिला पुलिस ने एक साल के भीतर भिलाई, दुर्ग और रायपुर में 50 से ज्यादा लूट की वारदात करने वाले आरोपी अभिषेक जोशी को पकड़ लिया है. आरोपी मूलतः देवेंद्र नगर (रायपुर) का रहने वाला है. पुलिस ने उसे राजधानी रायपुर के निजी होटल से पकड़ा. दो महीने से पुलिस की एक टीम आरोपी की तलाश कर रही थी. स्थाई ठिकाना नहीं होने के कारण वह पुलिस को चकमा दे रहा था. आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने करीब एक दर्जन मोबाइल बरामद किए हैं. 17 मामलों का खुलासा भी हो चुका है. प्रेमिका के शादी से मना करने के बाद अभिषेक ने पहले अपना ढाई करोड़ का बंगला महज 14 लाख में बेच दिया. इसके बाद वह शातिर लुटेरा बन गया. अपनी खुन्नस निकालने के लिए वह लड़कियों व महिलाओं को अपना शिकार बनाने लगा और 50 से अधिक वारदात उसने की.

भिलाई में 4 नवंबर को उसने सेक्टर 10 इलाके में इंजीनियरिंग छात्रा को चाकू मारकर लूटपाट की थी. आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने एक दर्जन से अधिक मोबाइल, जेवर और गाड़ियां जब्त की गई हैं. पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने पिछले अक्टूबर के महीने में सुपेला, भिलाई नगर समेत अन्य क्षेत्रों में वारदात की थी। घटना का पुलिस को सीसीटीवी फुटेज मिला था. फुटेज से उसकी पहचान हो गई थी. उसके पास अलग रंग की गाड़ी थी. रायपुर के देवेंद्र नगर, उसके आने जाने वाले स्थान, कुम्हारी टोल प्लाजा समेत कई स्थानों पर पुलिस के जवान डटे रहते थे. फोटो लेकर देवेंद्र नगर पर पूछताछ करते थे. ।सेव त्मंक – मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान से बैगा महिलाओं ने एनीमिया को हराया आरोपी की लोकेशन मिलने के बाद पुलिसकर्मियों ने रायपुर के उक्त होटल संचालक से संपर्क किया. होटल का स्टॉफ बनकर कई कमरों में जाकर होटल में रुके लोगों से पूछताछ की. इसके बाद आरोपी के कमरे में पहुंचे और उससे परिचय पत्र मांगने लगे. आरोपी के दरवाजा खोलते ही आरक्षक अंदर घुस गए और दबोच लिया. पूछताछ में आरोपी ने बताया कि लूट के मोबाइल को वह ऑनलाइन वेबसाइट पर आसानी से बेच देता था. सोने-चांदी के जेवर भी उसने कई सर्राफा कारोबारियों को बेच दिए थे. पुलिस के मुताबिक, आरोपी अपने पास मोबाइल जरूर रखता था लेकिन हमेशा बंद रखता था, इसलिए उसे ट्रेस करने में समस्या हुई. पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसके पिता सेक्टर 1 स्थित बैंक में नौकरी करते थे. वह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था. उसने बीसीए की पढ़ाई पूरी की. कॉलेज में पढ़ाई के दौरान उसकी दोस्ती एक युवती से हो गई जिससे उसे प्रेम हो गया था. दोनों शादी करना चाहते थे. इसी दौरान उसके माता-पिता की एक-एक करके मौत हो गई. प्रेमिका ने भी उससे शादी करने से मना कर दिया. प्रेमिका ने अपने घर वालों के कहने पर भोपाल में शादी कर ली. इसके बाद उसने करीब 8 साल पहले अपराध की दुनिया में कदम रखा था.