प्रज्ञा योजना के तहत एलईडी टीवी खरीदी में हुआ करोड़ो का घोटाला…. तत्कालीन कलेक्टर अवनीश शरण के निर्देश पर हुई थी खरीदी

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जांच प्रतिवेदन में शासकीय राशि का दुरुपयोग प्रमाणित संबंधित अधिकारियों से वसूली की अनुशंसा, जांच प्रतिवेदन कमिश्नर के समक्ष प्रस्तुत, अब देखना है कमिश्नर दोषी खिलाफ आपराधिक प्रकरण कराते हैं या नहीं।

सरगुजा समय । अम्बिकापुर। 25 नवम्बर 2020।

 

डी०के०सोनी अधिवक्ता एवं आरटीआई कार्यकर्ता के द्वारा एक शिकायत आवेदन कमिश्नर सरगुजा को की गई है जिसमें यह उल्लेख किया गया कि प्रजा योजना के तहत करोड़ो रूपए के घटिया चाइना एल ई डी टी वी मार्केट रेट से ज्यादा दरो पर जनपद पंचायत के अधिकारियों से मिली भगत स्कूल में खरीदी करने के संबंध मे शिकायत की गई तथा यह बताया गया कि शासकीय प्राथमिक पाठशाला स्कूलों में प्रज्ञा योजना के तहत बलरामपुर, रामानुजगंज, जिले के सभी विकासखंड के ग्राम पंचायतों में बगैर निविदा, टेंडर, निकाल न तो ग्राम पंचायत प्रस्ताव पारित किया बगैर करोड़ों रूपये का चाइना एल ई डी टीवी अपनी चहेते दुकानदार से सेटिंग कर मोटी कमीशन खोरी कर आनन-फानन में खरीदी की गई 92 सेंटीमीटर 40 इंच का माइक्रो मेक्स चाइना एल ई डी का मार्केट में करीब 20 से 22 हजार रुपए में बेची जा रही है जिसका बिलिंग 31 से 35 हजार रुपए की गई है एल ई डी टीवी खरीदी में लाखों रुपए का फर्जीवाड़ा किया गया है। जबकि पूरे भारत में एक तरफा चाइना सामग्री खरीदी पे बहिष्कार कर रही और दूसरी और बलरामपुर में चाइना एल ई डी टीवी खरीदी कर मोटी कमीशन बनाया गया है।
शासन प्रशासन चाहे लाख दावा करे मगर नया जिला बलरामपुर बनने के बाद यहां भ्रष्टाचार चरम सीमा तक पहुंच गया है शासकीय राशि का खुलकर बंदरबांट करने में अधिकारी, कर्मचारी, सरपंच, सचिव लगे हुई है ऐसा ही मामला जिला बलरामपुर के समस्त ब्लॉको मे देखने को मिल रहा है ग्राम पंचायतों में एक मॉडल स्कूल के रूप में चयन कर प्राथमिक पाठशाला स्कूल में छात्र छात्राओं को 98 सेंटीमीटर 40 इंच एल ई डी टीवी लगाकर उसी में मेमोरी मॉडल रुप में छात्र छात्राओं को अध्ययन कराना है, जिस से शिक्षा स्तर पे सुधार हो सके।
जिला बलरामपुर के समस्त ग्राम पंचायतों में तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं कलेक्टर अवनीश शरण ने कर्मचारियों के द्वारा टी एल मीटिंग में के सरपंच, सचिवों को दबाव बनाकर कहा गया की प्रत्येक ग्राम पंचायत के एक प्राथमिक शाला में एल ई डी टेलीविजन लगाना है,एक दुकानदार प्रत्येक ग्राम पंचायत में जा कर एल ई डी टेलीविजन लगाएगा उसका भुगतान तत्काल का देगा, हम लोगों का नाम नहीं आना चाहिए ऐसा कह कर प्रत्येक ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव के उपर दबाव बनाकर घटिया टेलीविजन खरीदी कराया गया और ज्यादा का बिल बना कब मोटी कमीशन खाई गई है।
जबकि भंडार क्रय अधिनियम के तहत 5000 रुपए से अधिक अधिकार की सामग्री के निविदा, ईश्तहार, 3 कोटेशन, ग्राम पंचायत एक बैठक आयोजित कर प्रस्ताव पारित कि जाती है उसके बाद जिसका कम दर हो उसे सामग्री का आर्डर दिया जाता है मगर यहां पर ऐसा कोई भी नियम का पालन नहीं किया गया है तथा सभी नियमों को ताख पर रखकर कमीशन खोरी में बलरामपुर जिले के समस्त विकासखंडों मे करोड़ो रूपए की चाइना एल ई डी टीवी खरीदी कर ली गई।‌

जनपद पंचायतों के ग्राम पंचायत में चाइना एल ई डी माइक्रो मेक्स 98 सेंटीमीटर 40 इंच टीवी करोड़ो रूपए की खरीदी कर प्राथमिक पाठशाला में स्कूलों में लगा दी गई है, जिसका कोई गारंटी अवधि नहीं है कभी भी खराब हो सकती है, मार्किट में सैमसंग, एल जी, वीडियोकान संसुई, सोनी आदि कंपनी भी है, जिसका निविदा क्यों नहीं निकाली गई है यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि नियम कानून को ताक पे रखकर शासकीय राशि का खुल कर खेल खेला गया है।
यहां पर यह भी उल्लेख करना आवश्यक है कि इलेक्ट्रॉनिक सामग्री पे पूर्व में 14.50 प्रतिशत वेट लग रहा था, अब 28 प्रतिशत वेट लग रहा है 28 प्रतिशत वेट लगने के बाद भी चाइना माइक्रो मेक्स एल ई डी 98 सेंटीमीटर 40 इंच का करीब 20 से 22 हजार 80 सेंटीमीटर 32 इंच का करीब 14000 रुपए में बिक रहा है जिसे अधिकारियों द्वारा 31 से 35 हजार रुपए में खरीदी गई है। जिसकी शिकायत डी०के०सोनी अधिवक्ता आरटीआई कार्यकर्ता के द्वारा कमिश्नर सरगुजा का समक्ष किया जा है जिसमें कमिश्नर सरगुजा ने एक जांच कमेटी बनाया तथा उक्त जांच कमेटी के अध्यक्ष के०आर० भगत उपायुक्त(रा) थे के तथा सचिव प्रमोद कुमार श्रीवास्तव प्रभारी अधीक्षक, तथा सदस्य सविता आईच ऑडिटर, श्रीमती ईरमा तिग्गा लेखाधिकारी को बनाया गया था जिन्होंने विधिवत जांच कर जांच प्रतिवेदन कमीशन सरगुजा के समक्ष प्रस्तुत कर दिया गया है, उक्त जांच प्रतिवेदन में साफ उल्लेख किया गया कि कलेक्टर अवनीश शरण ने मौखिक निर्देश देकर उपरोक्त टीवी खरीदी कराई गई थी तथा बाजार दर से अधिक दर पर खरीदी की गई, तथा जांच प्रतिवेदन में यह भी उल्लेख किया गया कि टीवीक्रय प्रक्रिया में भंडार क्रय नियमों का पालन नहीं किया गया है इसलिए शिकायत प्रथम दृष्टया सही प्रतीत होता है।
जांच प्रतिवेदन मैं यह भी ले किया गया कि कुल 993 टीवी प्रदाय किया गया जिसमें माइक्रो मेक्स कंपनी का 387 तथा अन्य कंपनी के 6 है, तथा सभी एल ई डी टीवी का भुक्तान 1,05,89,037/- एक करोड़ पांच लाख नवासी हजार सैंतीस मात्र किया गया तथा उपरोक्त एल ई डी टीवी का कोई गारंटी नहीं है कब खराब हो जाए जांच में कई स्कूलो के एल ई डी टीवी बंद पाए गए हैं।
इसके अलावा जांच प्रतिवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि बाजार दरो से ज्यादा का देयक प्रस्तुत कर राशि का भुगतान किया गया है इनके द्वारा शासकीय राशि का दुरुपयोग किया गया है अतः मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायतों से उक्त अवधि (वर्ष 2017) में शासकीय दर के आधार पर अधिक भुक्तान की गई राशि वसूली योग्य है का भी उल्लेख अपने जांच प्रतिवेदन में किया गया है।
अब देखना यह है कि क्या सरगुजा कमिश्नर उक्त जांच प्रतिवेदन के आधार पर शासकीय राशि का दुरुपयोग करने वाले तत्कालीन कलेक्टर अवनीश शरण, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायतों के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने का आदेश करती है कि नहीं या वसूली की कारवाई करती है कि नहीं।