बलिया गोलीकांड का मुख्य आरोपी धीरेंद्र लखनऊ में गिरफ्तार, दो और साथी भी पकड़े गए….

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photo- Accused Dhirendra

लखनऊ- बलिया गोलीकांड के मुख्य आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह को यूपी एसटीएफ की लखनऊ इकाई ने रविवार सुबह पॉलीटेक्निक चौराहे के पास से गिरफ्तार कर लिया। धीरेंद्र पर डीआईजी आजमगढ़ की ओर से 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। आईजी एसटीएफ अमिताभ यश ने बताया कि धीरेंद्र प्रताप के लखनऊ में छिपे होने की सूचना मिली थी। इसके बाद एसटीएफ की टीम को सक्रिय किया गया था। धीरेंद्र ने एसटीएफ को बताया कि 15 अक्तूबर को राशन की दुकान को लेकर बुलाई गई पंचायत में लगभग 2000 लोग इकट्ठा हुए थे। इसमें एक पक्ष धीरेंद्र का और दूसरा पक्ष कृष्ण कुमार यादव का था।

पंचायत के दौरान कृष्ण कुमार यादव व उनके साथियों से कहासुनी हो गई। इसी दौरान विपक्षियों ने गोली चला दी, जिससे उनका भतीजा गोलू सिंह और 5-6 महिलाएं घायल हो गईं। गोलू सिंह की बाद में मौत हो गई। जवाब में धीरेंद्र के पक्ष की ओर से फायरिंग की गई जिसमें जय प्रकाश पाल की मौत हो गई। इस मामले में आठ नामजद लोगों व अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कराया गया था।


अब तक 10 गिरफ्तार
उधर, एडीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार ने बताया कि इस मामले में नामजद किए गए आठ में से पांच लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके अलावा प्रकाश में आए 5 अन्य लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। प्रशांत कुमार ने बताया कि इस मामले में जल्द ही अन्य लोगों की भी गिरफ्तारी की जाएगी।


ये था मामला
बलिया जिले के रेवती थाना इलाके के दुर्जनपुर गांव के पंचायत भवन में गुरुवार को टेंट लगाकर हनुमानगंज और दुर्जनपुर की कोटे की दुकानों के चयन के लिए दोपहर बाद लगभग साढ़े तीन बजे खुली बैठक की जा रही थी। इसमें चार महिला समूहों ने आवेदन किया था। दुर्जनपुर की दुकान के लिए मां शायर जगदंबा और शिव शक्ति स्वयं सहायता समूह के बीच मतदान की नौबत आ गई।

इस पर एसडीएम सुरेश कुमार पाल, सीओ चंद्रकेश सिंह और एसओ प्रवीण कुमार सिंह ने व्यवस्था बनाई कि जिसके पास आधार कार्ड अथवा अन्य कोई पहचान पत्र होगा, वही वोट कर पाएगा। एक पक्ष के लोग आधार कार्ड लेकर आए थे। दूसरे पक्ष के लोगों के पास पहचान पत्र नहीं था।

इसी बात पर हंगामा हो गया। स्थिति बिगड़ते देख बीडीओ बैरिया गजेंद्र प्रताप सिंह ने बैठक की कार्यवाही स्थगित कर दी। इसके बाद दोनों पक्षों में तनातनी शुरू हो गई। प्रशासन के विरोध में नारेबाजी हुई। देखते ही देखते ईंट-पत्थर चलने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इस दौरान धीरेंद्र ने फायरिंग कर दी। इसमें दुर्जनपुर निवासी जयप्रकाश पाल(45) को चार गोलियां लगीं। लोगों ने जयप्रकाश को सीएचसी सोनबरसा पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।

इसके अलावा ईंट पत्थर और लाठी-डंडों से नरेंद्र सिंह(45), आराधना सिंह(45), आशा सिंह(40), राजेंद्र सिंह(45), अजय सिंह(50) और धर्मेंद्र सिंह(40) गंभीर रूप से घायल हो गए। एसडीएम, सीओ के अलावा मौके पर मौजूद 11 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया। इस मामले में धीरेंद्र समेत आठ नामजद और 25 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।