मथुरा: ‘श्रीकृष्ण विराजमान’ की अपील को कोर्ट ने स्वीकारा, 18 नवंबर को जन्मभूमि मामले पर होगी अगली सुनवाई….

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मथुरा- जन्मभूमि की जमीन पर मालिकाना हक के लिए ‘श्रीकृष्ण विराजमान’ की ओर से जिला जज की अदालत में अपील की गई थी। शुक्रवार दोपहर को अदालत ने अपील को स्वीकार कर लिया। इस मामले में अगली सुनवाई 18 नवंबर, 2020 को होगी।

बता दें कि भगवान ‘श्रीकृष्ण विराजमान’ की ओर 13.37 एकड़ जमीन के मालिकाना हक के लिए विगत सोमवार (13 अक्तूबर) को जिला जज मथुरा की अदालत में अपील की गई थी। जिला जज ने दावे को दाखिल करने संबंधी मामले में निर्णय को सुरक्षित कर लिया था और शुक्रवार (16 अक्तूबर) को इस संबंध में निर्णय देने के लिए तारीख दी थी। 

मथुरा: ‘भगवान श्रीकृष्ण विराजमान’ पहुंचे अदालत, जन्मभूमि का मांगा मालिकाना हक
विगत सोमवार को भगवान ‘श्रीकृष्ण विराजमान’ की वादी रंजना अग्निहोत्री आदि के अधिवक्ताओं ने न्यायालय के समक्ष अपना पक्ष रखा था। करीब दो घंटे तक सुनवाई के बाद न्यायालय ने अगली तारीख दी थी।


नरेंद्र गिरि ने दिया था बड़ा बयान
इस मामले में सरगर्मियां बढ़ गई हैं। गुरुवार को अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरि ने कहा था कि श्रीराम जन्म भूमि मुक्त हो गई है, अब श्रीकृष्ण जन्मभूमि को मुक्त कराना है। इस पर बने गुंबद का कलंक मिटाना भी जरूरी है। नरेंद्र गिरि गुरुवार को मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि दर्शन करने के लिए पहुंचे थे। 

नरेंद्र गिरि ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर आकर हृदय द्रवित हो गया। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मस्थान पर लगा कलंक हटना बहुत जरूरी है। इस मंदिर को चार बार तोड़ा गया है। आततायी मुगलों का एक ही काम रहा, मंदिर-मठों को तोड़कर मस्जिद और ईदगाह बनाना। 

मुगलों का समर्थन न करें मुस्लिम, श्रीकृष्ण जन्मभूमि को मुक्त कराने में करें सहयोग: नरेंद्र गिरि

नरेंद्र गिरि ने कहा कि आजाद भारत में रह रहे मुस्लिमों से आग्रह है कि वे आततायी मुगलों का समर्थन न करें। हमारे साथ आएं, गुंबद तोड़ने में सहयोग करें। उन्होंने युवा, संत, विश्व हिंदू परिषद से आग्रह करते हुए कहा कि सभी को साथ लेकर आंदोलन चलाया जाएगा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि की नींव के पत्थरों को तोड़कर मस्जिद बनाई गई है।