कमलनाथ: उपचुनाव के बाद फिर बनूंगा मध्यप्रदेश का सीएम , शिवराज: मुंगेरी लाल के हसीन सपने कोई भी देख सकता हैं….

0
3
file photo- shivraj and kamalnath

मध्यप्रदेश– मध्यप्रदेश में 28 सीटों और इनमें से 16 ग्वालियर चंबल सीटों का उपचुनाव प्रचार बड़े रोचक दौर से चल रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को उम्मीद है कि वह उपचुनाव के बाद फिर मुख्यमंत्री बनेंगे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और भाजपा का कहना है कि मुंगेरी लाल के हसीन सपने कोई भी देख सकता है।

भाजपा को एक डेवलपमेंट अच्छा लग रहा है। कमलनाथ और शिवराज के बीच में आरोप-प्रत्यारोप, 15 महीने की सरकार बनाम 15 साल की सरकार के कामकाज की तुलना तेज हो गई है। पार्टी के नेताओं को उम्मीद है कि भोले-भाले, संवाद कुशल शिवराज पर चुनाव केंद्रित होने के बाद मामला संभल जाएगा। वहीं सिंधिया के एक बयान ने कांग्रेस को फिर मौका दे दिया है।

’54 साल पहले दादी ने और अब मैंने गिराई कांग्रेस की सरकार’
ज्योतिरादित्य ने अशोक नगर विधानसभा क्षेत्र में बूथ कार्यकर्ताओं के सम्मेलन में कहा कि 54 सााल पहले जनता के हित को देखते हुए मेरी दादी ने कांग्रेस की मुख्यमंत्री डीपी सिंह के नेतृत्व वाली सरकार गिराई थी। अब उन्होंने कमलनाथ के नेतृत्व वाली सरकार गिरा दी है। सिंधिया के इस बयान को कांग्रेस के रणनीतिकारों ने फिर लपक लिया है। कांग्रेस फिर सिंधिया परिवार गद्दार के नारे को हवा देने में जुट गई है। कांग्रेस के नेता प्रेमचंद गुड्डू का कहना है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया को शर्म आनी चाहिए। पिछले तीन चुनाव में उन्होंने भ्रष्ट शिवराज चौहान सरकार के खिलाफ जनता से वोट मांगा था। आज ज्योतिरादित्य कह रहे हैं वह उसी शिवराज चौहान के कामकाज को आगे बढ़ाना चाहते हैं, इसलिए कांग्रेस की सरकार गिराई। कांग्रेस के एक अन्य नेता का कहना है कि ज्योतिरादित्य जैसे नेता जनता को मूर्ख समझने का सपना देख रहे हैं। उन्हें उपचुनाव के नतीजे का इंतजार करना चाहिए।

भाजपा की बड़ी गलती, सभी सिंधिया समर्थकों को दिया टिकट
ग्वालियर से 2018 विधानसभा चुनाव में भाजपा के टिकट के दावेदार सूत्र का कहना है कि पार्टी की सबसे बड़ी गलती ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ आए सभी विधायकों को टिकट देना है। सूत्र का कहना है कि पारदर्शी तरीके से टिकट बंटवारा होने पर 16 सीटों पर कांग्रेस का खाता खुलना मुश्किल था। लेकिन अब लड़ाई कठिन हो गई है। पार्टी नेता के अनुसार शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, राज्य के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा, भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा के साथ पार्टी के कार्यकर्ता पूरी मेहनत कर रहे हैं। सूत्र का कहना है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया अब हमारे नेता हैं, लेकिन ग्वालियर चंबल संभाग में सफलता भाजपा के कार्यकर्ताओं के बल पर ही मिलेगी। जबकि अगर इसमें भाजपा के पहले के नेता या चुनाव लड़ चुके प्रत्याशी शामिल होते तो जीत बहुत आसान हो जाती।

कमलनाथ की जनसभा में इतनी भीड़ क्यों है?
दिल्ली से मप्र के विधानसभा चुनाव में कई नेताओं ने डेरा डाला है। प्रेमचंद गुड्डू कहते हैं कि पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की जनसभा में आखिर इतनी भीड़ क्यों उमड़ रही है? गुना, ग्वालियर, जैसीनगर में जहां भी जा रहे हैं, लोग उन्हें सुनने आ रहे हैं। हालांकि भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा को उपचुनाव में 28 सीटों पर विजय मिलने का भरोसा है। कमलनाथ अपनी जनसभा में काफी आक्रामक हैं। वह जनता को भरोसा दे रहे हैं मुख्यमंत्री बनते ही खेती और किसानी के खिलाफ आए कानून से उनकी रक्षा करेंगे। राज्य में विकास की गंगा बहाएंगे। 

वह बताते हैं कि केवल 15 महीने मुख्यमंत्री रहे। इसमें से दो महीने लोकसभा चुनाव आचार संहिता में निकल गए। एक महीने अपनी सरकार बचाने की कोशिश में निकल गए। 11 महीने ही वह मुख्यमंत्री के तौर पर काम कर पाए। जबकि शिवराज मेरे पद से हटने के बाद सात महीने मुख्यमंत्री रहे हैं, कुछ नहीं कर पाए। कोविड-19 संक्रमण से निपटने में भी फेल रहे। जवाब में शिवराज सिंह चौहान और ज्योतिरादित्य सिंधिया कमलनाथ की सरकार को भ्रष्ट, वल्लभ भवन को दलालों का अड्डा और कारोबारियों, उद्योगपतियों की सरकार बताते हैं।

अजब-गजब प्रचार: मंच से कूदते हैं कमलनाथ तो घुटने के बल बैठ रहे हैं शिवराज
जैसीनगर की जनसभा में कमलनाथ ने शिवराज को झूठ बोलने वाला, एक्टर और न जाने क्या-क्या कहा। कमलनाथ ने कहा कि शिवराज को बॉलीवुड में एक्टिंग करनी चाहिए। इस बीच उन्होंने कहा कि 35 साल पहले जैसीनगर आए थे तो जवान थे और आज भी जवान हैं। यह कहकर कमलनाथ जनता जनार्दन से मिलने के लिए मंच से कूद गए। बताते हैं सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें संभाला। कमलनाथ के इस एक्ट पर राज्य के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने तंज कसा। कहा कमलनाथ अब बूढ़े हो गए हैं। कमलनाथ ने कहा कि शिवराज जेब में नारियल लेकर घूमते हैं। जवाब में शिवराज ने कहा कि शैंपेन की बोतल लेकर तो नहीं चलता।

मंदसौर की रैली में शिवराज सिंह चौहान ने जनता जनार्दन को हैरान कर दिया। वह मंच पर ही घुटने के बल बैठकर जनता को प्रणाम करने लगे। उन्होंने घोषणा की कि वह आगे भी जनता के सामने घुटने के बल ही रहेंगे। गौरतलब है कि मंदसौर के किसान आंदोलन से शिवराज सरकार को करारा राजनीतिक झटका लगना शुरू हुआ था। शिवराज सरकार के खिलाफ इस आंदोलन के कर्ता धर्ताओं  में कांग्रेस पार्टी के तत्कालीन नेता शिवराज सिंह चौहान ही थे। शिवराज के घुटने के बल बैठते ही कांग्रेस ने तंज कसा। कहा शिवराज सरकार घुटने के बल बैठ गई। कमलनाथ कहते हैं कि न वह मामा हैं, न महाराज। वह तो केवल हैं कमलनाथ।