आखिर कब मिलेगी अच्छी खबर? Johnson & Johnson ने रोका कोरोना वैक्सीन का ट्रायल, जानें क्या है वजह

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FILE PHOTO-Johnson And Johnson

नयी दिल्ली। दुनियाभर में कोविड-19 महामारी के कहर के बीच कोरोना वायरस की वैक्सीन बनाने की कवायद जारी है। इस बीच झटका देने वाली खबर है कि जॉनसन एंड जॉनसन ने अपनी कोरोना वैक्सीन के ट्रायल पर रोक लगा दी है। ट्रायल में हिस्सा ले रहे एक शख्स में किसी तरह की बीमारी होने के बाद जॉनसन एंड जॉनसन ने फिलहाल अपनी कोरोना वैक्सीन का ट्रायल रोक दिया है।

न्यू जर्सी कंपनी न्यू ब्रंसविक के एक प्रवक्ता जेक सरजेंट ने हेल्थ केयर न्यूज मुहैया कराने वाली एजेंसी STAT की रिपोर्ट को सही बताया और कहा कि जॉनसन एंड जॉनसन की कोरोना वायरस की वैक्सीन पर जारी ट्रायल को रोक दिया गया है। 

इस महीने की शुरुआत में जॉनसन एंड जॉनसन अमेरिका में वैक्सीन बनाने वालों की शॉर्ट लिस्ट में शामिल हुआ है। जॉनसन एंड जॉनसन की एडी26-सीओवी2-एस वैक्सीन अमेरिका में चौथी ऐसी वैक्सीन है, जो क्लिनिकल ट्रायल के अंतिम चरण में है। पिछली बार की रिपोर्ट में कहा गया था  वैक्सीन ने प्रारंभिक अध्ययन में कोरोना वायरस के खिलाफ एक मजबूत प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया बनाई है। शोधकर्ताओं ने कहा था कि अब तक के परीक्षण परिणामों के आधार पर कोई गंभीर दुष्प्रभाव नहीं थे।

जॉनसन एंड जॉनसन ने जब इस वैक्सीन के अंतिम चरण के परीक्षण को शुरू किया था, तब कंपनी ने कहा था कि इसके तहत अमेरिका, दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील, चिली, कोलंबिया, मैक्सिको और पेरू में 60 हजार लोगों पर वैक्सीन का परीक्षण किया जाएगा। जॉनसन एंड जॉनसन की वैक्सीन के ट्रायल पर रोक लगने की खबर ऐसे वक्त में आई है, जब इससे पहले एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन पर रोक लगा दी गई थी। 

वैक्सीन बनाने की रेस में ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन सबसे आगे चल रही थी, मगर बीते दिनों कुछ वालंटियर की कोविशील्ड टीका लेने के बाद हालत बिगड़ने पर तीसरे चरण के परीक्षण छह सितंबर को रोकने पड़े थे। हालांकि, ब्रिटेन और भारत में दोबारा शुरू हो चुके हैं। जबकि, अमेरिका या अन्य देशों ने अभी दोबारा मंजूरी नहीं दी।