कोरोना को मात देकर लौटे डोनाल्‍ड ट्रंप रैलियां करने के लिए पूरी तरह तैयार, शनिवार से चुनावी कार्यक्रम में ले सकते हैं हिस्सा

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अमेरिका। कोरोना वायरस संक्रमण का इलाज करवाने के बाद व्हाइट हाउस आ चुके अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रपति चुनाव के मद्देनजर रैलियां करने की इच्छा जताई है। डॉक्टरों ने कहा कि वह शनिवार तक सार्वजनिक जीवन में लौट सकते हैं।

ट्रंप और प्रथम महिला मेलानिया पिछले हफ्ते कोविड-19 से पीड़ित पाए गए थे। उन्हें उपचार के लिए सेना के अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। सोमवार को ट्रंप को अस्पताल से छुट्टी मिल गई थी। चिकित्सकों ने कहा कि राष्ट्रपति को पिछले हफ्ते शुक्रवार से ही बुखार नहीं है। गुरुवार रात को व्हाइट हाउस में चिकित्सक डॉ. सीन कॉनले ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप का कोविड-19 के लिए चिकित्सकों के दल द्वारा बताया गया उपचार पूरा हो गया।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के संक्रमित होने के बारे में पिछले हफ्ते पता चला था और इस शनिवार को इसके दस दिन पूरे हो जाएंगे। कॉनले ने कहा कि मेरा अनुमान है कि तब (शनिवार तक) उनका सार्वजनिक जीवन में लौटाना सुरक्षित होगा। एक न्यूज चैनल को दिए साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा था कि वह अच्छा महसूस कर रहे हैं और रैलियां करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि मैं अच्छा, बहुत अच्छा बल्कि एकदम बढ़िया महसूस कर रहा हूं। मैं तैयार हूं, रैलियां करना चाहता हूं।

अमेरिका में तीन नवंबर को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में अभी वक्त है, लेकिन अब तक 66 लाख लोगों ने पहले ही डाक मतपत्रों से मतदान कर दिया है। पिछले चुनाव के मुकाबले करीब 10 फीसदी ज्यादा लोगों ने डाक मतपत्रों से मतदान किया है। इस बार मौजूदा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से जो बाइडेन के बीच कांटे की टक्कर है। उल्लेखनीय है कि यूनाइटेड स्टेट्स इलेक्शन प्रोजेक्ट शुरुआती आंकड़े प्राप्त कर यह जानकारी दी है।

अमेरिका में राष्ट्रपति पद के उम्मीदवारों के बीच बहस आयोजित करने वाले गैर दलीय आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि वह दूसरी बहस को डिजिटल के बजाय आमने-सामने आयोजित कराने पर विचार नहीं कर रहा है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टीम ने आमने-सामने बहस कराने का अनुरोध किया था। आयोग के अध्यक्ष फ्रैंक फाहरेनकोप्फ ने गुरुवार देर रात कहा कि आयोग अपना फैसला नहीं बदलेगा। इसका अर्थ यह हुआ कि दूसरी बहस संभवत: नहीं होगी। ट्रंप के कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने के बाद आयोग ने 15 अक्तूबर को डिजिटल माध्यम से बहस कराने का फैसला किया था।

मिशिगन की गवर्नर ग्रेचेन व्हिटमर ने अपने अपहरण के असफल षड्यंत्र से अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को जोड़ते हुए गुरुवार को तर्क दिया कि उनके शब्दों ने अतिवादियों को प्रोत्साहित किया है। डेमोक्रेटिक नेता व्हिटमर के अपरहण की साजिश रचने वाले लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। व्हिटमर ने कहा कि ट्रंप ने कोरोना वायरस संकट के पिछले सात महीनों में विज्ञान को नकारा है, अपने स्वास्थ्य विशेषज्ञों को नजरअंदाज किया है, अविश्वास पैदा किया है, गुस्सा पैदा किया है। डर, घृणा एवं बंटवारा फैलाने वाले लोगों को आश्वस्त किया है।

बाइडेन ने उनकी पार्टी की उप राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार कमला हैरिस पर की गई अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टिप्पणी को निंदनीय और राष्ट्रपति पद की गरिमा के खिलाफ बताया। उपराष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए डेमोक्रेटिक उम्मीदवार कमला हैरिस और रिपब्लिकन उम्मीदवार माइक पेंस के बीच बुधवार को आधिकारिक बहस हुई थी, जिसमें ट्रंप के कोविड-19 स्थिति से निपटने, नौकरी, चीन, नस्लीय तनाव और जलवायु परिवर्तन जैसे कई मुद्दों पर चर्चा हुई। ट्रंप की इस टिप्पणी के कुछ घंटे बाद बाइडेन ने पलटवार करते हुए कहा कि अमेरिकी लोग उनकी इन बातों से थक गए हैं। बाइडेन ने कहा कि यह निंदनीय है, राष्ट्रपति पद की गरिमा के खिलाफ है और अमेरिकी लोग अब इन बातों से परेशान हो गए हैं। उन्हें पता है कि यह शख्स कैसा है और इसे रोकना होगा।