एक जगह का कार्य ठीक से नहीं सम्हाल पाने वाले E दो जिले के है प्रभार में, इनकी लापरवाही से 7 वर्षीय माशूम की मौत

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बड़े अधिकारी पर मेहरबानी छोटे एक अधिकारी को किया सस्पेंड….

सरगुजा समय अम्बिकापुर – अम्बिकापुर गांधीनगर थाना क्षेत्र में गुरूवार को PMGSY के कार्यपालन अभियंता एवं उनकी टीम की बड़ी लापरवाही सामने आई है बताया जा रहा है की कार्यपालन अभियंता, अनुविभागीय अधिकारी, एवं सब इंजिनियर के द्वारा गैर जिम्मेदारी पूर्ण तरीके से लापरवाही पूर्वक कार्य को अंजाम दिया जा रहा था जिसकी वजह से एक हृदय विदारक घटना घट गई, जिसमे एक 7 वर्षीय माशूम की मौत हो गई, घटना के बाद ग्रामीण आक्रोशित होकर हंगामा मचाने लगे जिसके बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ओम चंदेल मौके पर पहुंचे और ग्रामीण को कार्रवाई का भरोसा दिलाकर मामले को शांत कराया।

दरअसल अम्बिकापुर से लगे गांव गांधीनगर थाना क्षेत्र के सरगंवा में यह हादसा हुआ है, यहां प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) अपना प्रशिक्षण केंद्र बनवा रहा है, और इस भवन के मुख्य द्वार पर लगा बड़ा लोहे का गेट आज बेतरतीब एवं लापरवाही पूर्वक कार्य करवाने  की वजह से ढह गया और गेट बच्चे के ऊपर गिरने से उसकी मौत हो गई, मासूम की मौत से आक्रोशित ग्रामीणों ने हंगामा शुरू कर दिया, पुलिस की समझाइश के बाद ग्रामीण शांत तो हो गए हैं लेकिन सवाल यह उठता है की इस गेट के निर्माण में किस कदर का भ्रष्टाचार किया गया होगा की एक 7 साल के बच्चे के वजन से वह गेट धराशाई हो गया, फिलहाल एएसपी ने मामले में ठेकेदार के विरुद्ध भी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

कार्यपालन अभियंता अपनी पुरानी आदत से लाचार 

कार्यपालन अभियंता सोहन चंद्र के द्वारा इस तरह से पहले घटिया निर्माण करवाने एवं उसमे बाद में पर्दा डालने की पुरानी आदत है मिली जानकारी के अनुसार इनके द्वारा जिस कार्यो का निर्माण या कार्य का देखभाल किया जाता है उअसमे जम कर भ्रष्टाचार किया जाता है और जब मामला अखबार में उठा जाता है तो लिपा पोती कर उस कार्य में पर्दा डालने के साथ साथ आला अफसर से समक्ष चापलूसी करते हुए अपने आप को इमानदार दिखने का प्रयास किया जाता है|

सूरजपुर एवं सरगुजा दोनों कार्यालय में कर रहे खाना पूर्ति  कार्यपालन अभियंता को अपने मलाईदार कुर्सी से इतना मोह है की दोनों जिला के कार्यालय को अपने इशारों पर नचाते रहते है मिली जानकारी के अनुसार महोदय का ट्रांसफर भी हो चूका था परन्तु साहब अपने ट्रांसफर रोकवाने में मोटी रकम खर्च करते हुए सफल हो गए और जम कर भ्रष्टाचारी कर खर्च किये गए रूपए की वसूली जरी है एसा विशेष सूत्रों के हवाले से जानकारी मिल रही है|

ठेकेदार पर किसकी मेहरबानी एवं क्यों घटिया निर्माण सरगुजा ब्रिक्स इंडस्ट्रीज़ के ऊपर आला अफसरों के द्वारा हमदर्दी एवं मेहरबानी क्यों दिखाई जा रही है क्यों इनके ऊपर अभी तक किसी तरह की कार्यवाही नहीं की गई क्यों इनके  विरुद्ध एफ आई आर  एवं ब्लैक लिस्टेड की कार्यवाही करने की हिम्मत आला अफसर नहीं कर पा रहे है क्या मासूम बालक के मौत से बड़ा है इन ठेकेदारों का दलाली पूर्वक कार्य करना| मामले की जानकारी के लिए ठेकेदार से संपर्क करने का प्रयास किया गया एक ही सवाल करने के बाद ठेकेदार द्वारा अपना फोन बंद कर लिया गया जो की बहुत ही निंदनीय है |

क्या सूरजपुर एवं सरगुजा जिले में काबिल अधिकारीयों की है कमी  जिस तरह से दो जिले में एक ही अधिकारी के पास तीन कार्यालय का प्रभार है उससे यह स्पस्ट है की दोनों जिले में अब काबिल  अधिकारियो की कमी जम कर है जिसके कारन ही कार्यपालन अभियंता सोहन चन्द्र तीन तीन कार्यालय में बतौर खाना पूर्ति वाले हिसाब से कार्य कर रहे है | तमाम मामले की जानकारी लेने के लिए लगभग 10 बार साहब को फोन लगाया गया परन्तु इनके द्वारा अपने पुराने आदत को कायम रखते हुए इतने बड़े घटना होने के बावजूद फोन नहीं उठाया गया एसा लगता है की साहब किसी भी घटना से कोई फर्क नहीं पड़ता |

कार्यवाही के नाम पर खाना पूर्ति एक अधिकारी सस्पेंड

इतनी बड़ी घटना करीत होने के बावजूद विभाग के आला अफसर कर्य्वाबी के नाम पर खाना पूर्ति ही कर रहे है, इस तरह के विशाल घटना में सिर्फ एक छोटे अधिकारी को अपना कलम और नाम बचने के लिए सस्पेंड कर दिया गया जबकि कार्यपालन अभियंता एवं अनुविभागीय अधिकारी के उपर अपनी मेहरबानी बनाये हुए है. अल अफसरों का इस तरह से कार्यप्रणाली के वजह से ही बड़े बड़े घटना में ये अधिकारी बच जाते है, और अपने बुलंद हौसले के साथ जम कर भ्रष्टाचार करते है . फिलहाल घटना की जानकारी मिलते ही छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण के मुख्य अभियंता पी एस पनगनिहा ने उप अभियंता आलोक सिन्हा को निलंबित कर दिया हैं।