छत्तीसगढ़: गैंगरेप मामले में लापरवाही पर निलंबित हुए ये पुलिस अधिकारी…. आदेश जारी कर जांच के दिए निर्देश…

0
198

कोंडागांव। जिले के धनोरा थाना क्षेत्र में हुए गैंगरेप मामले में सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। तत्कालीन नगर निरीक्षक रमेश शोरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर इसकी अलग से जांच के आदेश दिए।

ज्ञात हो कि जिले के धनोरा थाना क्षेत्र में गैंगरेप पीड़िता ने आत्महत्या कर ली थी। वही मामले को संज्ञान लेते पुलिस महानिदेशक छत्तीसगढ़ द्वारा तत्काल पुलिस अधीक्षक कोण्डागांव सिद्धार्थ तिवारी, पुलिस उप महानिरीक्षक कांकेर रेंज संजीव शुक्ला एवं पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज पी0 सुंदरराज को थाना धनोरा के घटना स्थल जाकर उक्त समाचार की पुष्टि कर तत्काल विधि अनुसार कार्यवाही के निदेश दिये गये।

पुलिस अधिकारी घटना स्थल थाना धनोरा पहुंचकर समाचार की तस्दीक किये तो पाया कि दिनांक 19 जुलाई 2020 को ग्राम उड़ागांव की साढ़े 18 वर्षीय युवती के साथ एक दिन पूर्व पास के गांव में विवाह समोरह के दौरान 07 युवकों द्वारा जबरदस्ती साथ ले जाकर बलात्कार करने एवं घटना के बाद सुबह ही घर लौटकर युवती द्वारा आत्महत्या करने की घटना हुई है. इस बात की पुष्टि युवती के साथ विवाह समारोह में गई उसकी सहेली द्वारा की गई।

घटना की रिपोर्ट मृतिका के परिजनों द्वारा थाने में नहीं की गई थी। पुलिस अधिकारियों के द्वारा तत्काल मृतिका के शव का उत्खनन करवाया जाकर पोस्टमार्टम की कार्यवाही करवाई गई एवं घटना के संबंध में थाने में अपराध कमां 15/2020 धारा 365, 376 घ, 306, 506, 201, 34 भादवि पंजीबद्ध कर घटना में शामिल 07 आरोपियों में से 05 आरोपियों को गिरफतार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों में 02 आरोपी नाबालिग है जिनकी उम्र लगभग 15 वर्ष है एवं 03 आरोपी बालिग है।

मीडिया रिर्पोट से यह भी तथ्य प्रकट हुआ कि तत्कालीन थाना प्रभारी धनोरा को युवती की आत्महत्या की घटना के 15-20 दिन बाद घटना की सूचना स्थानीय सूत्रों से मिली थी और उसने इस संबंध में मृतिका के परिजनों से पछताछ भी की थी कितु उसके द्वारा इसकी कोई सूचना अपने वरिष्ठ अधिकारियों को नही दी गई न ही विधि सम्मत कार्यवाही की गई. इस आधार पर तत्कालीन नगर निरीक्षक रमेश शोरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर इसकी पृथक से जांच आदेशित की गई है।