शहर के भू माफियाओं के हौसले इतने बुलंद की चेकडेम तोड़कर बेच डाली जमींन….

भू माफियाओं के बढ़ते हौसले के पीछे किस प्रशासनिक आला अफसर का हाथ किसके दम पर भू माफिया कर रहे दबंगई, पहले सरकारी चेक डेम तोड़कर जमींन पर किया कब्ज़ा, फिर बेच डाली करोड़ो में

सरगुजा समय अम्बिकापुर लगातार शहर में बढ़ते भू माफ़ियाओ के बुलंद हौसले एवं उनके बढ़ते अपराधो को रोकने की साहस करने की हिमाकत कोई नहीं कर रहा है शहर में लगातार फर्जीवाड़े के दम पर कई तरह के कार्य बुलंद तरीके से किये जा रहा है परन्तु इस कार्य को रोकने में 
शासन प्रशासन असमर्थ नजर आ रहे है अम्बिकापुर शहर में ऐसा ही मामला संज्ञान में आया है मिली जानकारी के अनुसार लाखो रूपए की लागत से बने चेकडेम को तोड़ कर कुछ भू माफियाओं के द्वारा उस जमीन को अपने कब्जे में लेते हुए फर्जी रूप एवं आला अफसरों से साठ गाँठ कर के अन्य लोगो को करोड़ो रूपए में बेच डाला मिली सूत्रों के अनुसार ग्राम सोनपुर कला में विशाल यादव उर्फ निक्की, प्रीति यादव ने जनवरी-फरवरी माह के दरमियान आंसू अग्रवाल उर्फ गोलू निर्माणाधीन डेम के बगल में रहने वाला निवासी दीनानाथ कुशवाहा उर्फ बबलू बकायदा जेसीबी लगाकर उक्त बोल्डर चेक डेम को दबंगई पूर्वक तोड़वा रहा था जिसके बाद मामले की जानकरी लेने जब ग्रामीण उक्त स्थल में पहुचे तो उन भू माफियाओ का एक गुर्गा यह कहते हुए उन्हें वहां से चलता कर दिया की वहां तहसीलदार साहब खड़े है जा कर उनसे जानकारी लो ग्रामीणों ने विभागीय कार्य समझ कर उक्त स्थल से चले गए लेकिन बाद में जब ग्रामीणों को जमींन बिक्री के बारे में पता चला तो ग्रामीणों के होस उड़ गए की सरकारी जमींन एवं बोल्डर युक्त चेकडेम को तोड़कर अवैध रूप से प्लाटिंग कर बेचने की हिम्मत ये कैसे कर सकते है| समस्त मामले को संज्ञान में लेते हुए ग्रामीणों ने इसका विरोध करते हुए लगभग 8 जून 2020 को इस जमीन को कुछ भू माफियाओ द्वारा फर्जी रूप से बिक्री करने की बात कहते हुए ग्रामीणों द्वारा उप पंजीयक अम्बिकापुर को रसीद क्रमांक 4784754 ₹50 शुल्क अदा कर आपत्ति दर्ज कराई परन्तु ग्रामीणों के एकता के समक्ष भू माफियाओ का अधिकारियों से साथ गांठ एवं दबंगई ग्रामीणों को महंगा पड़ा और अवैध रूप से बिक्री जारी रही. मिली जानकारी के अनुसार उप पंजीयक अम्बिकापुर से भू माफियाओ ने साठ गांठ करते हुए फर्जी तरीके से रजिस्ट्री करवा लिया गया, जो भूमि खाता क्रमांक 592 खसरा नंबर 03/ 101 रकबा 0.229 हेक्टेयर के मूल दस्तावेजों की हेराफेरी करते हुए ऋण पुस्तिका का मूल प्रति नहीं होने के बाद भी आयुष गोयल आत्मज विनोद गोयल, दीनानाथ कुशवाहा आ़ राधेश्याम कुशवाहा निवासी शंकरघाट, आकाश कुमार अग्रवाल आत्मज सतीश अग्रवाल निवासी घुटरापारा अंबिकापुर , पीताम्बर कुमार आ़. सुखन राम निवासी वार्ड क्रमांक 7 भगवानपुर इन लोगों ने फर्जी रूप से रजिस्ट्री करा लिया।

पाताल निगल गई या आसमान खा गया आखिर कहा गया चेक डेम विभागीय चेक डेम जो की लाखो रूपए के लागात से बनाया गया था उसका अचानक गायब हो जाना संदेहास्पद है इस तरह से सरकारी चेक डेम गायब हो जाना एवं विभाग को जानकारी नहीं होना एक बड़े भ्रष्टाचार का होना माना जा सकता है आपसी रूप से मिली भगत करके लाखो रूपए के गबन का मामला होना मन जा सकता है |