हाथरस केस को लेकर कांग्रेस ने साधा निशाना, कहा- योगी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में बोला ‘सफेद झूठ’, सरकार को न्याय की फिक्र नहीं

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लखनऊ: कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश सरकार पर हाथरस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में ‘सफेद झूठ’ बोलने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार असल मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए मामले को साजिश का रूप देने की कोशिश कर रही है.

कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के सामने सफेद झूठ बोला है. सरकार अपने हलफनामे में कह रही है कि परिवार की रजामंदी से लड़की के शव का दाह संस्कार हुआ है, जबकि सबको पता है कि वहां लड़की का परिवार मौजूद नहीं था.


सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि इसके अलावा सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर हाथरस मामले की आड़ में जातीय हिंसा फैलाने की साजिश का आरोप लगाया है. अगर ऐसा है तो उसने बेहद कमजोर साक्ष्य दिए हैं. उसने अमेरिका के आंदोलन ‘ब्लैक लाइव्स मैटर्स’ की वेबसाइट की सामग्री को अपने साक्ष्य और हलफनामे में लगा रखा है. यहां तक कि उस वेबसाइट की सामग्री को ही पूरा का पूरा पेश कर दिया है.


श्रीनेत ने कहा कि हलफनामे के साथ लगे अनुलग्नकों में सरकार ने कुछ लोगों के ट्वीट और फेसबुक पोस्ट लगाए हैं. उनमें से किसी ट्विटर उपयोगकर्ता के फॉलोअर्स की संख्या 900 या 950 है, किसी की 2080 है. बताए गए ट्विटर हैंडल्स में से एक की अधिकतम फॉलोअर्स संख्या 14 हजार है. ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या 900 फॉलोअर्स वाला व्यक्ति जातीय हिंसा भड़का सकता है?


कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश के गृहमंत्री भी हैं. कानून-व्यवस्था का सारा दारोमदार मुख्यमंत्री पर है. सरकार इधर-उधर की बातें करने की बजाय सच सामने रखे. सरकार के दावे दरअसल मुद्दों से ध्यान बंटाने की कोशिश के सिवाय और कुछ नहीं हैं.

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि सरकार हाथरस मामले में पीएफआई की संलिप्तता का दावा कर रही है. अगर पीएफआई ने कुछ गलत किया है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए. मुख्यमंत्री कहते हैं कि सरकार की छवि धूमिल की जा रही है. इसका मतलब ये है कि सरकार को सिर्फ अपनी छवि की ही चिंता है. लड़की और उसके परिवार को न्याय कैसे मिलेगा, उसकी कोई फिक्र नहीं है.

हाथरस मामले की ‘साजिश’ में कांग्रेस की संलिप्तता के भाजपा के आरोप पर श्रीनेत ने कहा कि कांग्रेस पर आरोप लगाना भाजपा की पुरानी आदत है. अगर वो पार्टी नेता राहुल गांधी का नाम नहीं लेंगे तो उनकी राजनीति नहीं चलेगी. उन्होंने कहा कि, ”कोई सरकार से पूछे कि किस लोकतंत्र में विपक्ष को कहीं पर जाने और प्रदर्शन करने से रोका गया है. एक पुरुष पुलिसकर्मी कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी का कुर्ता पकड़ता है. सरकार विपक्ष पर लाठियां बरसा रही है, मीडिया को डरा-धमका रही है. हम आखिर किस सदी में जी रहे हैं?”