कश्मीर में हाईवे पर बढ़ रहे आतंकी हमले, आईजीपी बोले-भीड़ में मोटर साइकिल चलाना आसान….

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सरगुजा समय जम्मू- जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर होने वाले आतंकी हमलों से निपटने के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस काउंटर प्लान (जवाबी कार्ययोजना) तैयार कर रही है। हालांकि इस तरह के हमलों से घबराने की जरूरत नहीं है। स्थिति नियंत्रण में है। हाईवे पर हर वाहन को रोककर उसकी तलाशी लेना संभव नहीं है। 

सुरक्षा बल विशेष इनपुट मिलने के बाद ही तलाशी अभियान चलाया जाता है। यह बात जम्मू-कश्मीर पुलिस के कश्मीर रेंज के आईजी विजय कुमार ने श्रीनगर के बाहरी क्षेत्र हुमहामा स्थित सीआरपीएफ मुख्यालय में पांपोर हमले में शहीद सीआरपीएफ जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही।

आईजीपी विजय कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग से गुजरने वाले सभी वाहनों की तलाशी लेने से हाईवे पर ट्रैफिर जाम की समस्या हो सकती है। इसलिए सिर्फ  विशेष इनपुट के बाद ही चेकिंग की जाती है। उन्होंने स्वीकार किया कि पाकिस्तान स्थित उग्रवादी संगठन के मॉड्यूल ने पहले भी बडगाम जिले के चौरडा क्षेत्र में हमला किया था, जिसमें सीआरपीएफ का एक सहायक उप निरीक्षक मारा गया था। उन्होंने कहा कि हम ऑपरेशन चला रहे हैं, जल्द ही हमलावरों को मार गिराया जाएगा

भीड़ में मोटर साइकिल चलाना आसान
आतंकी हमलों को अंजाम देने के लिए दुपहिया वाहनों के बढ़ते इस्तेमाल से जुड़े एक सवाल के जवाब में विजय कुमार ने कहा कि सड़कों पर मोटर साइकिल चलाना आसान होता है। वाहनों की भारी भीड़ के बीच मोटर साइकिल से आप कहीं भी आसानी से निकल सकते हैं। 

वर्चुअल नंबर का पता लगाना बड़ी चुनौती
आईजीपी ने कहा, आतंकी वर्चुअल फोन नंबरों का इस्तेमाल कर रहे हैं। वर्षों से इनका इस्तेमाल विध्वंसकारी हमलों के लिए किया जाता रहा है। पूरी दुनिया में इसका पता लगाना फिलहाल एक बड़ी चुनौती है। इससे निपटने के लिए तकनीकी सहायता ली जी रही है।

हथियार छीने जाने की खबरें बेबुनिया
पांपोर में सोमवार को हुए आतंकी हमले में हथियार छीने जाने की खबरों को अफवाह बताते हुए सीआरपीएफ के आईजी (ऑपरेशन) दीपक रतन ने कहा कि हमले में हमारे दो जवान शहीद हुए हैं, लेकिन हथियार छीने जाने की जो खबरें चल रही हैं वे पूरी तरह बेबुनियाद हैं। ऐसी कोई घटना नहीं घटी।