हाथरस केस: सुप्रीम कोर्ट में योगी सरकार ने बताया रात को शव जलाने के पीछे क्या था कारण…

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नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के हाथरस में कथित गैंगरेप केस और मौत के मामले में आज यानी मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई है। हाथरस कांड की सीबीआई या एसआईटी से जांच कराने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा। हाथरस कांड मामले में दायर इस याचिका पर मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस वी रामासुब्रमण्यम की बेंच सुनवाई करेगी। याचिका में जांच की निगरानी सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट के वर्तमान या रिटायर्ड जज से कराने की मांग भी की गई है। याचिका में कहा गया है कि यूपी में मामले की जांच और सुनवाई निष्पक्ष नहीं हो पाएगी। इसलिए इसे दिल्ली ट्रांसफर किया जाए। वहीं, हाथरस कांड में जातीय दंगा भड़काने की साजिश के आरोप में पुलिस ने कई अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है और चार लोगों को गिरफ्तार किया है। तो चलिए जानते हैं हाथरस कांड से जुड़े सभी अपडेट्स…
हाथरस मामला उत्तर प्रदेश सरकार ने न्यायालय को बताया कि वह निष्पक्ष जांच में निहित स्वार्थों द्वारा उत्पन्न की जा रही बाधाओं से बचने के लिये सीबीआई जांच कराने का आदेश देने का अनुरोध कर रही है। उत्तर प्रदेश सरकार ने न्यायालय को बताया कि उसने पहले ही केंद्र से हाथरस मामले में सीबीआई जांच कराने का अनुरोध किया है। हाथरस मामले में सीबीआई जांच सुनिश्चित करेगी कि कोई निहित स्वार्थ से गलत और झूठे विमर्श नहीं रच पाएगा।

इस कारण से रात को जलाया गया शव…
यूपी सरकार ने अपने हलफनामे के प्वाइंट 10 में बताया है कि उसने और किन वजहों से रात में ही पीड़िता का अंतिम संस्कार किया। हलफनामे के मुताबिक, उत्तर प्रदेश सरकार ने रात के ढाई बजे पीड़िता के शव को जलाने के संदर्भ में बाबरी मस्जिद केस की वजह से जिलों को हाई अलर्ट पर रखने और कोरोना की वजह से भीड़ न इकट्ठा होने देने का भी जिक्र किया है। इसमें कहा गया है कि अयोध्या-बाबरी केस में फैसले की संवेदनशीलता और कोरोना के मद्देनजर परिवार की मंजूरी से पीड़िता का रात में अंतिम संस्कार किया गया।
उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने हलफनामे में कहा है कि इस घटना की सच्चाई सामने लाने के लिए सरकार निष्पक्ष जांच के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। .योगी सरकार ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट को अपनी निगरानी में हाथरस में कथित गैंगरेप और मौत मामेल की सीबीआई जांच के निर्देश देने चाहिए। यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि हिंसा से बचने के उद्देश्य से रात में पीड़िता का अंतिम संस्कार किया गया।

यूपी सरकार का सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा
हाथरस केस में यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया है। इसमें कहा गया है कि कानून-व्यवस्था की समस्याओं से बचने के लिए रात में पीड़िता के शव का अंतिम संस्कार किया गया। यूपी सरकार के इस हलफनामे में राजनीतिक दलों और नागरिक समाज संगठनों को जाति विभाजन के प्रयास के लिए दोषी ठहराया गया है।

हाथरस जिले के एक गांव में 14 सितंबर को 19 वर्षीय दलित लड़की से चार लड़कों ने कथित रूप से सामूहिक बलात्कार किया था। इस लड़की की बाद में 29 सितंबर को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में मृत्यु हो गई थी। मौत के बाद आनन-फानन में पुलिस ने रात में अंतिम संस्कार कर दिया था, जिसके बाद काफी बवाल हुआ। परिवार का कहना है कि उसकी मर्जी से पुलिस ने पीड़िता का अंतिम संस्कार किया, वहीं पुलिस ने इन दावों को खारिज किया।

हाथरस कांड मामले में दायर इस याचिका पर मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस वी रामासुब्रमण्यम की बेंच सुनवाई करेगी। याचिका में जांच की निगरानी सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट के वर्तमान या रिटायर्ड जज से कराने की मांग भी की गई है।