जिले में 05 से 12 अक्टूबर तक चलेगा कोरोना सघन सामुदायिक सर्वे अभियान कलेक्टर ने कोरोना सर्वेक्षण कार्य में नागरिकों से की सहयोग की अपील

 बलरामपुर 03 अक्टूबर 2020/छत्तीसगढ़ में विगत कुछ दिनों में कोरोना संक्रमण के दर में वृद्धि हुई है। संक्रमण के नियंत्रण हेतु राज्य एवं जिला स्तर पर निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। कोविड-19 के प्रसार श्रृंखला को तोड़ने हेतु सामुदायिक स्तर पर संदिग्ध मरीजों की पहचान कर आइसोलेट एवं उपचार किया जाना अत्यंत आवश्यक है। कलेक्टर श्याम धावड़े ने शासन से प्राप्त निर्देशानुसार जिले के समस्त ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों में 02 से 12 अक्टूबर 2020 तक कोरोना सघन सामुदायिक सर्वे अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु निर्देश दिये हैं। उन्होंने कोरोना सघन सामुदायिक सर्वे अभियान की पृष्ठभूमि, उद्देश्य, प्रशिक्षण, प्रचार-प्रसार एवं अभियान के क्रियान्वयन हेतु विस्तृत जानकारी अधिकारियों के साथ साझा की है। उन्होंने जिले के समस्त नागरिकों से अपील की है कि कोरोना के सघन सामुदायिक सर्वे अभियान में समाज के सभी वर्गों का सहयोग अपेक्षित है। आप सभी के सहयोग से ही अभियान सफल होगा तथा हम कोरोना के श्रृंखला को तोड़ने में सफल हो पायेंगे। उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि कोरोना सघन सर्वे अभियान में क्षेत्रवार प्रशिक्षित दल अपने क्षेत्र के प्रत्येक घर का भ्रमण करेगा एवं प्रपत्र ए पर परिवार के केवल लक्षणात्मक व्यक्तियों की जानकारी संग्रहित की जायेगी। अभियान 05 अक्टूबर से प्रारंभ होगा तथा एक सप्ताह में सभी गतिविधियां पूर्ण की जायेगी। अभियान के क्रियान्वयन हेतु माइक्रोप्लानिंग अलग से तैयार कि गयी है। मैदानी स्तर पर घर-घर सर्वे करने हेतु मितानिन, आंगनबाडी़ कार्यकर्ता, सहायिका, स्वास्थ्य कार्यकर्ता, पंचायत एवं नगरीय निकाय के जमीनी अमले का दल गठन किया जायेगा। सर्वे के दौरान सर्वे दल को कोरोना से बचाव के सभी नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। कलेक्टर श्री धावड़े ने आगे बताया कि खण्ड चिकित्सा अधिकारी द्वारा प्रपत्र ए का दैनिक प्रतिवेदन प्राप्त कर जिला स्तर को प्रेषित किया जायेगा। प्राप्त सूची के आधार पर लक्षणात्मक व्यक्तियों की जांच की जायेगी। जिसमें उच्च जोखिम वाले जैसे गर्भवती महिला, 60 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्ति, 5 वर्ष से कम आयु के बच्चे तथा उच्च रक्तचाप/मधुमेह, कैंसर, किडनी, टी.बी., सिकल सेल एवं एड्स से ग्रसित व्यक्तियों को जांच में प्राथमिकता दी जायेगी। यदि रैपिड एंटीजन जांच में लक्षणात्मक व्यक्ति की जांच रिर्पोट नेगेटिव आती है तो ऐसे सभी व्यक्तियों का सैम्पल एकत्र कर आरटीपीसीआर जांच के लिए लैब भेजा जायेगा। अभियान में पंचायती राज सदस्यों की सहभागिता भी सुनिश्चित की जायेगी। कलेक्टर श्री धावड़े ने कहा कि उक्त कार्यक्रम का सफल क्रियान्वयन अन्र्तविभागीय समन्वय के साथ किया जायेगा तथा जिला स्तर पर अभियान के पूर्ण सर्वेक्षण के लिए नोडल अधिकारी के रूप में मुख्य कार्यपान अधिकारी जिला पंचायत को नामित किया गया है।