सुशांत मामले में एम्स ने सीबीआई को सौंपी रिपोर्ट,जाने क्या है रिपोर्ट में

मुंबई
अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत से जुड़ा एक बड़ा खुलासा हुआ है। एम्स ने जो रिपोर्ट सीबीआई को सौंपी है, उसके मुताबिक सुशांत के बिसरा में जहर नहीं पाया गया है। किसी भी तरह के आर्गेनिक जहर की बात से भी इनकार किया गया है। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, एम्स के डॉक्टरों के पैनल ने जांच में जहर की पुष्टि नहीं की है। इसके साथ ही कूपर हॉस्पिटल के डॉक्टरों को क्लीन चिट नहीं दी गई है। सुशांत की मौत पर सीबीआई और एम्स की सहमति है। एम्स ने सीबीआई को सुशांत की ऑटोप्सी और विसरा की जांच रिपोर्ट सौंपी है। सीबीआई दूसरे साक्ष्यों से रिपोर्ट का मिलान करेगी। रिपोर्ट के आधार पर सीबीआई अपनी जांच आगे बढ़ाएगी। हाल ही में सुशांत के पिता के वकील विकास सिंह ने जांच पर सवाल उठाते हुए कहा था कि सीबीआई की प्राथमिकता में अब यह केस नहीं है। जबकि सीबीआई की तरफ से इनकार किया गया है।
सीबीआई ने वकील विकास सिंह को जवाब देते हुए कहा कि वह पेशेवर तरीकों से जांच के सभी एंगल को देख रही है। सीबीआई के प्रवक्ता आर.के. गौर ने एक बयान में कहा, “सीबीआई सुशांत की मौत के मामले में पेशेवर तरीके से जांच कर रही है, जिसमें सभी पहलुओं पर गौर किया जा रहा है और अभी तक किसी भी पहलू को खारिज नहीं किया गया है”। उन्होंने कहा कि आगे की जांच जारी है। विकास सिंह ने पिछले सप्ताह एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा था कि नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की जांच सुशांत की मौत के मामले में वास्तविक सच्चाई को सामने लाने के लिए हो रही जांच से अधिक सामने आ रही है। विकास सिंह ने शुक्रवार को एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा था, “पूरे बॉलीवुड को क्यों बुलाया जा रहा हैं? जिन्हें आज या कल बुलाया गया है, उन लोगों के पास से उन्हें कुछ बरामद नहीं होने वाला है। एनडीपीएस मामले में सब कुछ मात्रा पर निर्भर करता है, परिवार को लगता है कि यह मुख्य मुद्दे (सुशांत की मौत के मामले) से हटाने के लिए किया जा रहा है”। वरिष्ठ अधिवक्ता ने आगे कहा कि बड़े सितारों को बुलाकर मीडिया का ध्यान मामले से हटा दिया गया है। सीबीआई ने जांच के संबंध में एक भी प्रेस बयान जारी नहीं किया है और जिस दिशा में जांच चल रही है वह परिवार के लिए थोड़ी चिंताजनक है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मामले की जांच कर रही सीबीआई टीम को दिल्ली आए एक सप्ताह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन वे अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में डॉक्टरों की टीम से नहीं मिले हैं।