कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी

पटना । कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर बिहार में लाखों श्रद्धालुओं ने आज गंगा-गंडक के संगम समेत विभिन्न नदियों और सरोवरों में आस्था की डुबकी लगायी।हिंदू धर्म में कार्तिक पूर्णिमा का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन को दामोदर के नाम से भी जाना जाता है। यह भगवान विष्णु का ही एक नाम है। कार्तिक पूर्णिमा का दिन काफी पवित्र और शुभ माना जाता है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है। कार्तिक पूर्णिमा के दिन ही भगवान शिव ने त्रिपुरासुर का वध किया था। जिसकी खुशी में देवताओं ने हजारों दीप जलाकर दिवाली मनाई थी। जो आज भी देव दिवाली के रूप में मनाई जाती है। साथ ही सिखों के लिए भी ये दिन खास होता है क्योंकि इस दिन गुरु नानक जयंती होती है|

कार्तिक पूणिमा के दिन स्नान-दान का विशेष महत्व है। इस दिन जो भी दान किया किया जाता है, उसका पुण्य कई गुना अधिक प्राप्त होता है। इस दिन अन्न, धन और वस्त्र दान का विशेष महत्व है। गंगा किनारे दानापुर से पटना सिटी तक की सड़कों पर ग्रामीण मेले जैसा नजारा देखने को मिल रहा है। पटना से हजारों श्रद्धालु कार्तिक पूर्णिमा स्नान के लिए सोनपुर भी पहुंचे और वहां स्नान के साथ ही महादेव की पूजा-अर्चना की।

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान और भगवान हरि एवं शिव की पूजा करने से पूर्वजन्म के साथ इस जन्म के भी सारे पाप नाश हो जाते हैं। साथ ही गंगा या अन्य नदियों में स्नान से सालभर के गंगास्नान और पूर्णिमा स्नान का फल मिलता है। भगवान श्रीहरि ने कार्तिक पूर्णिमा पर ही मत्स्य अवतार लेकर सृष्टि की फिर से रचना की थी। ऐसा माना जाता है कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन सोनपुर में गंगा गंडकी के संगम पर गज और ग्राह का युद्ध हुआ था। गज की करुणामई पुकार सुनकर भगवान विष्णु ने ग्राह का संहार कर भक्त की रक्षा की थी। इस दिन घर में दीपक जलाने से पुण्य मिलता है, और जीवन में ऊर्जा का संचार भी होता है। लोग व्रत रखकर भगवान विष्णु की पूजा करते हैं।

गंगा तटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) के जवान संयुक्त रूप से नौकाओं से लगातार गंगा नदी में गश्त लगा रहे है। कार्तिक पूर्णिमा के दिन एहतियात के तौर पर प्रशासन की ओर से निजी नौकाओं के गंगा नदी में परिचालन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है।राजधानी में कार्तिक पूर्णिमा को लेकर प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े प्रबंध किये गये हैं। विभिन्न घाटों पर सादे लिबास में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गयी है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जहां पुलिस जवान चौकस दिखे वहीं सड़कों पर यातायात को नियंत्रित करने के लिए ट्रैफिक पुलिस के जवान मुस्तैद हैं।