78 प्रतिशत ही बने हैं जनजाति समाज के आधार कार्ड

उदयपुर । सरकार द्वारा जरूरतमंद एवं गरीब तबके के कल्याण व उत्थान के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं लागू की हैं, इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ ही उपलब्ध मशीनरी का उपयोग करते हुए अधिकारियों को इनके हित में गंभीर होकर कार्य करने की आवश्यकता है। यह बात राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष नन्दकुमार सांई ने शनिवार को उदयपुर जिला परिषद सभागार में आयोजित संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक में की।

बैठक में आयोग के संयुक्त सचिव राठो ने जनजाति क्षेत्र में 78-80 प्रतिशत जनजातिजनों के आधार कार्ड ही होने के तथ्य को उजागर किया व इस संबंध में जानकारी चाही। इस पर उदयपुर कलक्टर श्रीमती आनंदी ने बताया कि जिले में आधार मशीनों की कमी के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। उन्होंने मशीनों की कमी को पूरा करने के लिए यूडीएआई दिल्ली से किए गए सम्पर्क व प्रयासों की जानकारी देते हुए कहा कि जिले से आधार कार्ड मशीनों के 148 आवेदन लंबित हैं।

उन्होंने हर पंचायत पर एक मशीन की आवश्यकता भी जताई। इस पर आयोग अध्यक्ष सांई ने तेलंगाना की भांति राजस्थान व अन्य प्रदेशों में भी ऐसी स्थिति की संभावना जताई व इसके समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ आयोग की बैठक करने का निर्णय लिया।

इस अवसर पर आयोग सदस्य हर्षदभाई चुन्नीलाल वसावा, हरिकृष्ण डामोर व श्रीमती माया चिंतामन इवनाते तथा आयोग के संयुक्त सचिव एस.के.राठो ने उदयपुर प्रवास के तहत किये गये उदयपुर-डूंगरपुर दौरे के दौरान आमजन से प्राप्त परिवेदनाओं के संबंध में विभागवार समीक्षा कर इनके त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। बैठक में संभागीय आयुक्त विकास सीतारामजी भाले, पुलिस महानिरीक्षक बिनिता ठाकुर सहित विभिन्न अधिकारी उपस्थित थे।

बैठक में आयोग द्वारा जनजाति उपयोजना क्षेत्र में वनाधिकार दिए जाने की समीक्षा की गई। उन्होंने वनाधिकार में सामुदायिक व व्यक्तिगत आवेदन तथा उनके निरस्त होने के प्रतिशत के बारे में जिलावार जानकारी ली।

आयोग अध्यक्ष सांई ने नरेगा में 100 दिन कार्य करने वाले श्रमिकों को श्रमिक कार्ड निर्माण के लिए अपेक्षित प्रमाण पत्र नहीं दिए जाने की परिवेदना बताई और इसे जारी करने के निर्देश दिए। इसी प्रकार उन्होंने नरेगा में कार्य का आवेदन करने वालों को रसीद देने की व्यवस्था के लिए भी कलक्टर्स को कहा। उदयपुर जिला परिषद सीईओ कमर चौधरी ने जिले में प्रपत्र 6 की प्राप्ति और रसीद के लिए की गई व्यवस्था को बताया। आयोग सदस्यों ने इस दौरान श्रमिक कार्ड निर्माण की प्रगति की जानकारी ली।
डूंगरपुर कलक्टर देवड़ा ने कुएं गहरे कराने की योजना को पुन: प्रारंभ करने की आवश्यकता जताई। आयोग सदस्यों ने कृषि कनेक्शनों के लम्बित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए इनको निस्तारित करने के निर्देश दिए। एजेंसी